तिब्बतियों ने चीन के खिलाफ नारेबाजी के साथ ही आजादी देने की मांग की।

मसूरी :- तिब्बत पर चीन के कब्जे के विरोध में हर वर्ष की भांति तिब्बती समुदाय ने तिब्बतन यूथ कांग्रेस व तिब्बतन महिला कांग्रेस के नेतृत्व में प्रदर्शन किया व तिब्बत की आजादी की मांग की। इस मौके पर तिब्बतियों ने चीन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
तिब्बती समुदाय ने तिब्बतन होम्स चार्लविल हैप्पी वैली से जुलूस निकाला व रास्ते भर तिब्बत की आजादी व चीन की तानाशाही के विरोध में नारे लगाते रहे। जुलूस हैप्पी वैली से लाइबेरी, मालरोड होते हुए मुख्य डाकघर के समीप तक आया व वापस शहीद स्थल मालरोड होते हुए गांधी चौक पर पहुंचा जहां सभा की गई। सभा से पूर्व भारत व तिब्बत के राष्ट्रगान गाया व उसके बाद वक्ताओं ने जमकर चीन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया व कहा कि तिब्बती समुदाय चीन से आजादी की मांग करता है ताकि वह अपने देश में जा सकें। इस मौके पर डा. केलसंग ने कहा कि चीन में लगातार तिब्बतियों पर अत्याचार हो रहे है व उनकी सांस्कृतिक विरासत को समाप्त किया जा रहा है वहीं अभी तक आजाद नहीं किया जबकि 66 साल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने उन्हें शरण दी व लगातार उनकी आजादी का समर्थन करता आ रहा है वहीं भारत सरकार से मांग की कि वह तिब्बत की आजादी का प्रसास करें। उन्होंने कहाकि चाइना में तिब्बती बच्चों को उनके स्कूल ने निकाल कर चाइनिज स्कूलस में भर्ती कर रहे है ताकि उनकी संस्कृति समाप्त हो जाये। उन्होंने कहाकि चाइना से भारत को भी संकट है, व आये दिन बार्डर पर चीनी सेना भारत के क्षेत्र पर कब्जा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने भारत सरकार से अनुरोध किया कि तिब्बत की आजादी की मांग यूएनओ में करें। इस मौके पर नामग्याल ने अंतर्राष्ट्रीय महासभा व विश्व के देशों का आहवान किया कि वह तिब्बत की आजादी का समर्थन करें व चीन पर दबाव बनायें ताकि उनके देश को आजादी मिल सके। वक्ताओं ने चीन में हो रहे अत्याचारों पर विस्तार से अवगत कराया वहीं तिब्बत की आजादी की आवाज को बुलंद किया। उन्होने कहा कि चाइना तिब्बतियों पर अत्याचार कर रहे हैं, व मानवाधिकार का उलंघन कर रहे हैं। इस मौके पर बड़ी संख्या में तिब्बती महिलाएं, व पुरूष मौजूद रहे जो तिब्बत व भारत के ध्वज को हाथ में लेकर चल रहे थे।