मसूरी। कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री डॉ. सोनिया आनंद रावत ने उत्तराखंड के कृषि विभाग में बड़े स्तर पर हुए भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए कहा कि कृषि मंत्री गणेश जोशी के संरक्षण में विभाग को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया है। उन्होंने बताया कि देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड में आयोजित एग्रो मित्र कृषि मेले में नियमों को ताक पर रखकर एक निजी कंपनी को पहले से ही टेंडर दे दिया गया। मेले के उद्घाटन से पहले ही कंपनी का पूरा सेटअप लग जाना यह स्पष्ट करता है कि टेंडर प्रक्रिया मात्र औपचारिकता थी।
डॉ. रावत ने सवाल उठाया कि किसानों के नाम पर जारी करोड़ों रुपये किसके संरक्षण में लुटाए गए, जबकि किसान आज खाद, बीज और दवाओं के लिए परेशान है। उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि मंत्री के चहेतों के संरक्षण में किया गया सुनियोजित घोटाला है। डॉ. रावत ने मांग की कि कृषि मेले के पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कर कृषि मेले से जुड़े सभी टेंडरों को सार्वजनिक किया जाए, घोटाले की सीबीआई जाँच हो, कृषि मंत्री गणेश जोशी को तत्काल बर्खास्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि घोटाले को दबाने की कोशिश हुई तो कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जडें, कही न कही प्रकृति, सभ्यता से जुड़ी है जिसे नुकसान पहुचाने का कार्य किया गया जो दुखद है। मेले का मकसद यहां के पेड़ पौधों को आगे बढाना था जिसमें एक बडे नेता को भी आना था जिसे अचानक निरस्त किया गया। टेंडर में बड़ी गड़बडी की गयी, व रातों रात मेले को निरस्त किया गया। उन्होंने कहा कि मंत्री गणेश जोशी के कार्यकाल में कई अनियिमितताएं की गयी कई आरोप लग चुके है ऐसे में उन्हें स्वयं त्यागपत्र देना चाहिए। मसूरी की सड़कों की हालात खराब है, पानी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया, केवल सेटलमेंट में लगे रहते हैं। इस मौके पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष गौरव अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस नेत्री सोनिया आनंद ने जो मुददा उठाया है उसकी सीबीआई जांच की जानी चाहिए, वहीं सैन्यधाम घोटाला, वीआईपी कौन है ,धामी मौन है, जैसे कई प्रकरण चल रहे हैं, उसके बावजूद भी सरकार कार्रवाई नहीं कर रही। धाकड़ धामी को चाहिए कि धाकड़पन दिखाये व ऐसे मंत्री से इस्तीफा लें व जो मामले उठ रहे हैं उनकी जांच करवायें। प्रेस वार्ता में पूर्व शहर अध्यक्ष गौरव अग्रवाल, सुन्दर सिंह रावत, मुकेश टम्टा, संजय टम्टा, गोविन्द नौटियाल, गीता जोशी, सीता शर्मा प्रदीप, प्रयास, राम कृष्ण राही, साजिद सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डॉ. रावत ने सवाल उठाया कि किसानों के नाम पर जारी करोड़ों रुपये किसके संरक्षण में लुटाए गए, जबकि किसान आज खाद, बीज और दवाओं के लिए परेशान है। उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि मंत्री के चहेतों के संरक्षण में किया गया सुनियोजित घोटाला है। डॉ. रावत ने मांग की कि कृषि मेले के पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कर कृषि मेले से जुड़े सभी टेंडरों को सार्वजनिक किया जाए, घोटाले की सीबीआई जाँच हो, कृषि मंत्री गणेश जोशी को तत्काल बर्खास्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि घोटाले को दबाने की कोशिश हुई तो कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जडें, कही न कही प्रकृति, सभ्यता से जुड़ी है जिसे नुकसान पहुचाने का कार्य किया गया जो दुखद है। मेले का मकसद यहां के पेड़ पौधों को आगे बढाना था जिसमें एक बडे नेता को भी आना था जिसे अचानक निरस्त किया गया। टेंडर में बड़ी गड़बडी की गयी, व रातों रात मेले को निरस्त किया गया। उन्होंने कहा कि मंत्री गणेश जोशी के कार्यकाल में कई अनियिमितताएं की गयी कई आरोप लग चुके है ऐसे में उन्हें स्वयं त्यागपत्र देना चाहिए। मसूरी की सड़कों की हालात खराब है, पानी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया, केवल सेटलमेंट में लगे रहते हैं। इस मौके पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष गौरव अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस नेत्री सोनिया आनंद ने जो मुददा उठाया है उसकी सीबीआई जांच की जानी चाहिए, वहीं सैन्यधाम घोटाला, वीआईपी कौन है ,धामी मौन है, जैसे कई प्रकरण चल रहे हैं, उसके बावजूद भी सरकार कार्रवाई नहीं कर रही। धाकड़ धामी को चाहिए कि धाकड़पन दिखाये व ऐसे मंत्री से इस्तीफा लें व जो मामले उठ रहे हैं उनकी जांच करवायें। प्रेस वार्ता में पूर्व शहर अध्यक्ष गौरव अग्रवाल, सुन्दर सिंह रावत, मुकेश टम्टा, संजय टम्टा, गोविन्द नौटियाल, गीता जोशी, सीता शर्मा प्रदीप, प्रयास, राम कृष्ण राही, साजिद सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

