स्वतंत्रता सेनानी अब्बास तैयब की पुण्य तिथि मनायी।

मसूरी:-  स्वतंत्रता के महान सेनानी अब्बास तैयब की पुण्य तिथि पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने लंढौर टिहरी बाई पास के निकट कब्रिस्तान में उनकी कब्र पर फातिहा पढ़ कर श्रद्धांजलि दी।
स्वतंत्रता सेनानी अब्बास तैयब ने अंतिम सांस मसूरी में ली थी व लंढौर कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। उनकी आत्मा की शांति के लिए मुस्लिम समाज के लोग उनकी कब्र पर गये व फातिहा पढा वहीं कुरान की तिलावत की। इस मौके पर मौजूद कामिल अली ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी अब्बास तैयब की पुण्य तिथि पर मुस्लिम समाज के लोगों ने उनकी कब्र पर जाकर श्रद्धांजलि दी व उनकी आत्मा की शांति के लिए फातिहा पढा। उन्होंने कहाकि अब्बास तैयब का भारत की आजादी में अहम योगदान रहा व महात्मा गांधी के बाद वह सबसे बड़े नेता रहे जिन्होंने देश को आजाद करवाने में आंदोलन का नेतृत्व किया व कई बार जेल गये। लेकिन वर्तमान सरकार ने उन्हें भुला दिया जबकि उनका देश की आजादी में अहम योगदान रहा है। इस मौके पर इसरार अहमद ने कहा कि अब्बास तैयब ने देश की आजादी में हुए आंदोलन नमक सत्याग्रह सहित अनेक आंदोलनों में प्रमुख भूमिका निभायी व गांधी के जेल जाने पर नेतृत्व किया। उन्होंने कहाकि पहले मसूरी में देश के जाने माने नेता आते थे व उनकी पुण्य तिथि मनाते थे लेकिन अब उन्हें भुलाया जा रहा है जो ठीक नहीं है। मसूरी में उनका आवास रहा है, लेकिन उनकी कब्र पर कोई ध्यान नही दे रहा है। उन्होंने मांग की कि उनकी कब्र पर जाने का रास्ता ठीक किया जाय व कब्र का जीर्णोद्धार किया जाय जिससे लोग उनकी कब्र तक पहुंच सके। इस मौके पर अयूब साबरी, मौहम्मद जाहिद, कामिल अली, इसरार अहमद आदि मौजूद रहे।