बाल श्रम रोकने, बच्चों को सही दिशा में लेजाने के लिए बाल सरंक्षण आयोग ने बैठक की।

मसुूरी:- उत्तराखंड बाल सरंक्षण आयोग ने नगर पालिका सभागार में बालश्रम रोकथाम बचाव व पुनर्वास के संबंध में बैठक का आयोजन किया जिसमें विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों सहित मसूरी की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
नगर पालिका सभागार में आयोजित बैठक में उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डा. गीता खन्ना का एसडीएम मसूरी डा. दीपक सैनी ने गुलदस्ता देकर स्वागत किया। इस मौके पर बैठक में बाल श्रमिकों से संबंधित कई बिंदुओं पर चर्चा की व बाल श्रम रोकने व उनको सही राह दिखाने के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इस मौके पर आयोग की अध्यक्ष डा. गीता खन्ना ने कहा कि होटल एसोसिएशन, व्यापार संघ, होम स्टे सहित तमाम संस्थाये बाल श्रम को रोकने के लिए कदम उठाये व उनके वैलफेयर के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि आयोग का कार्य बच्चा पैदा होने से लेकर बालिग होने तक बच्चों को देखना है उनके पोषण को देखना है ताकि वह कुपोषण का शिकार न हों व वे गलत व्यसनों में न पड़े। उन्होंने कहा कि आयोग से सभी विभागो का संबंध रहता है। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि मसूरी में स्कलों के पास शराब की दुकाने खोली जा रही है, बच्चे नशे का शिकार हो रहे है, स्कूलों के आस पा तंबाकू की ब्रिकी की जा रही है। इसके लिए उन्हांेने एसडीएम व पुलिस को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लें। भारतीय समाज सबके बच्चे अपने बच्चों की भावना के साथ चलता है लेकिन पाश्चात्य संस्कृति के कारण यह भावना कम होती जा रही है। उन्होंने कहाकि आंगनवाडी व बच्चों को दिया जा रहा पोषण की योजना ऐसी योजना है जो पूरे विश्व में ऐसी खाद्य सुरक्षा योजना कहीं नहीं है। उन्होंने कहा कि समय बदला है, परिवारों की परिभाषा बदली है, बचपन का स्वरूप बदला है, बच्चों की आकाक्षाएं बदली है। उन्होंने आहवान किया कि बच्चों को सही राह दिखाने के लिए सभी संस्थाएं अपने स्तर से प्रयास करे। इस मौके पर एसडीएम डा. दीपक सैनी, पालिका अधिशसी अधिकारी राजेश नैथानी, उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी, मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, सचिव अजय भार्गव, व्यापार संघ अध्यक्ष रजत अग्रवाल, होम स्टे एसोसिएशन के अध्यक्ष देवी प्रसाद गोदियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।