आपात काल के पचास वर्ष पूरे होने पर भाजपा ने काला दिवस मनाकर गोष्ठी की व निंदा प्रस्ताव पास किया।

मसूरी:- आपातकाल के पचास वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा मसूरी मंडल ने नगर पालिका सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया व तत्कालीन रौंगटे खडे करने वाली यातनाओं के बारे में अवगत कराया । इस मौके पर कांग्रेस की तत्कालीन सरकार के आपात काल लगाने पर निंदा प्रस्ताव पास कर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजा गया।
नगर पालिका सभागार में आपात काल लगाने के पंचास वर्ष पूरा होने पर भाजपा मसूरी मंडल ने काला दिवस मनाया। इस मौके पर बतौर मुख्य वक्ता पूर्व मंडल अध्यक्ष व भाजपा के वरिष्ठ नेता मदनमोहन शर्मा ने कहा कि आज ही के दिन पंचास वर्ष पहले 1975 में तत्काली इंदिरा सरकार ने देश में आपात काल लगाया था। उन्होंने उस समय का वर्णन करते हुए बताया कि मसूरी में भी तत्कालीन जनसंघ के कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया गया था। उन्होंने बताया कि आपात काल की भूमिका पटना में जयप्रकाश नारायण की विशाल जनसभा सिंहासन छोडो जनता आती है से बन गयी थी। उसी समय इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रधानमंमत्री की सदस्यता रद्द कर दी गई थी जिससे बौखलाकर व संजय गांधी के कहने पर तत्काल इंदिरागांधी ने आपात काल लगाने के लिए राष्ट्रपति फखरूददीन अली अहमद पर दबाव बनाया  था। उसी दिन दिल्ली रामलीला मैदान में जय प्रकाश नारायण की सभा भी थी। आपात काल लगने के तुरंत बाद देश के तत्कालीन बड़े नेताओं को गिरफ्तार किया गया व पूरे देश में गिरफ्तारियां की गई व मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि मसूरी में भी इसका प्रभाव पड़ा व यहां जनसंघ के नेताओं को प्रताड़ित किया गया जिसमें से अधिकतर अब नहीं है लेकिन राकेश अग्रवाल, व विजय रमोला मौजूद हैं। उन्होंने कहाकि यह भारतीय राजनीति का काला दिवस था, तीन वर्ष तक मानसिक, शारीरिक व भौतिक यातनाओं को सहा व उसके बाद नई सुबह हुई व कांग्रेस का शासन समाप्त हुआ। इस मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि पूरे प्रदेश में आपात काल के पंचास वर्ष पूरे होने पर काला दिवस मनाया जा रहा है ताकि आज की युवा पीढी को उसका पता चल सके। उन्होंने कहा कि उस समय जनता के सभी हक छीन लिये गये व उनका शोषण किया गया व यातना दी गई। गोष्ठी में आपात काल की कडी निंदा कर प्रस्ताव पास किया गया। उन्होने आहवान किया कि उस काल के बारे में जनता के बीच जाकर उसे बताये। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस की जनविरोधी नीति उस समय थी आज भी कांग्रेस उसी पर चल रही है। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक अधिवक्ता संध्या ऐनी ने आपात काल के बारे में विस्तार से बताया व कहा कि 1975 में आपात काल लगाया गया जिसमें लोकतंत्र की हत्या की गई व उस समय जनता व विपक्ष को कांग्रेस की दमनकारी नीतियों से जूझना प़ड़ा जिसे काले दिवस के रूप में मनाया गया। गोष्ठी को पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल, पालिका सभासद अमित भटट, राकेश अग्रवाल ने भी संबोधित किया व आपातकाल के दौरान जो अत्याचार किए गये उस पर विस्तार से बताया। कार्यक्रम का संचालन मंडल उपाध्यक्ष विजय बिंदवाल ने किया। इस मौके पर मंडल उपाध्यक्ष अरविंद सेमवाल, गुड मोहन राणा, संह संयोगज अरूण कुमार, जसोदा शर्मा, कमला थपलियाल, अनीता धनाई, अनीता जवाड़ी, माधुरी शर्मा, सुनीता डबराल, दिनेश चौहान, राघव बिजल्वाण, कौशल रावत, सुधांशु रावत, शिव अरोडा, पुष्पदीप शर्मा, सहित  भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।