उत्तराखण्ड के गांधी इंद्रमणि बडोनी की पुण्य तिथि पर श्रंद्धाजलि अर्पित की।

मसूरी। पर्वतीय गांधी इन्दमणि बडोनी की 27 वीं पुण्य तिथि मालरोड स्थित इंद्रमणि बडोनी चौक पर लगी उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर मनाई गयी। इस मौके पर वक्ताओं ने उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राज्य व देश के विकास में कार्य करने का आहवान किया। वहीं पालिका से मांग की गयी कि उनकी स्मृति को बनाये रखने के लिए शहर के किसी संस्थान का नाम उनके नाम पर रखा जाय जिससे भावी पीढ़ी को उनके बारे में जानकारी मिल सके।
इन्द्रमणि बडोनी विचार स्मृति मंच मसूरी के तत्वाधान में यहॉ मॉलरोड़ स्थित बडोनी चौक पर इंद्रमणि बडोनी की पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समिति के सचिव एवं राज्य निर्माण आन्दोलनकारी प्रदीप भण्डारी ने राज्य सरकार पर उत्तराखण्ड के महापुरूषों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों में जन्में राजनीतिक व्यक्तियों की जयंती या पूण्य तिथि को राज्य सरकार के मुखिया बड़े जोर शोर से मनाते हैं मगर स्थानीय महापुरुषों की उपेक्षा करते हैं। उन्होंने मांग की कि उत्तराखंड के स्कूली पाठ्यक्रमों में इंद्रमणि बडोनी के जीवन दर्शन को शामिल किया जाय। उन्होंने कहा कि इंद्रमणि बडोनी ने राज्य निर्माण के लिए जो संघर्ष शुरू किया उसे परिणाम में बदला हालांकि वह राज्य स्थापना को नहीं देख पाये। लेकिन उनके संघर्ष से ही राज्य का गठन हो पाया। उन्होंने उत्तराखंड की संस्कृति को भी देश विदेश तक पहुंचाने का कार्य किया। इस मौके पर भाजपा मसूरी मंडल के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि राज्य निर्माण व उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढाने में जो योगदान इन्द्र मणी बडोनी ने दिया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उत्तराखंड बनने के बाद राज्य सरकार उनके बताये मार्ग पर चल कर कार्य कर रही है, गैरसैंण को अस्थाई राजधानी बनाया गया है, राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण का कार्य अंतिम पायदान पर पहुंच गया है, आंदोलनकारियों की पेंशन बढायी गयी है व उनके बच्चों को सरकारी नौकरी में दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। वहीं कहा कि उत्तराखंड सरकार ने उनके जन्म दिवस को सांस्कृतिक दिवस में रूप में मनाने का निर्णय लिया है व इस दिन पूरे उत्तराखंड के विद्यालयों में बडोनी के जीवन पर आधारित निबंध, गीत आदि प्रतियोगिताएं की जायेंगी। इस मौके पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि बडोनी जी ने राज्य निर्माण के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया व महात्मा गांधी के बताये मार्ग पर चल कर राज्य आंदोलन के दौरान अंहिसा को सर्वोपरि रख कर चलाया जिस कारण उनका नाम पर्वतीय गांधी पड़ा। इस मौके पर नगर पालिका टाउन हाल का नाम या किसी संस्थान का नाम इंदमणि बडोनी के नाम पर रखने की मांग नगर पालिका से की गयी। इस मौके पर पालिका सभासद अमित भटट ने भरोसा दिया कि इंदमणि बडोनी के नाम पर शहर में कुछ न कुछ किया जायेगा। चाहे टाउन हाल में किसी सभागार का नाम उनके नाम पर रखने का प्रस्ताव हो या अन्य किसी संस्थान का नाम रखने की बात हो। उन्होंने कहा कि समिति एक प्रस्ताव पालिका को दे जिस पर सभी सभासदों को विश्वास में लेकर उनके नाम को चिर स्थाई रखने के कार्य को किया जायेगा। इस मौके पर समिति के सरंक्षक रमेश राव ने सभी का आभार व्यक्त किया व कहा कि इंदमणि बडोनी ने राज्य निर्माण के साथ ही उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढाने का कार्य किया, ऐसे महान पुरूष को हमेशा याद रखने के साथ ही उनके बताये मार्ग पर चल कर राज्य को आगे बढाने का आहवान किया। इस अवसर पर निर्णय लिया गया कि 24 दिसंबर को बडोनी के जन्म दिन पर बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा, प्रदेश सरकार ने  इंद्रमणि बडोनी के जन्मदिन 24 दिसंबर को संस्कृति दिवस के रूप में घोषित किया हुआ है। श्रद्धांजलि देने वालों में समिति के संरक्षक रमेश राव, भाजपा मण्डल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, कांग्रेस नगर अध्यक्ष अमित गुप्ता, नागेद्र उनियाल, राज्य आंदोलनकारी देवी गोदियाल, शूरवीर भंडारी, बिजेंद्र पुंडीर, सभासद अमित भट्ट, श्रीपति कंडारी, राजीव अग्रवाल, चैतराम बडोनी, गुणानन्द सेमवाल, कमलेश भण्डारी, संजय टम्टा, राजेन्द्र कंडारी, पूरण रावत, तनमीत खालसा, रजत एकांत शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।