मसूरी:- शहर में लगातार सीवर बहने से आम जनता सहित पर्यटक परेशान हैं लेकिन अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण समस्या लगातार गंभीर रूप ले रही है। किंक्रेग व इंदमणि बडोनी चौक पर तो लगातार समस्या बनी है।
जल संस्थान सीवर की समस्या से निपटने का लगातार प्रयास कर रहा है लेकिन उसके बावजूद सीवर बहने की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। जिसके कारण आम नागरिकों सहित पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना प़ड रहा है वहीं मसूरी की छवि पूरे देश में धूमिल हो रही है। इंद्रमणि बडोनी चौक मालरोड का प्रमुख स्थान है और दिन भर यहां पर बड़ी संख्या में पर्यटक विचरण करते है वहीं शाम को तो भारी भीड़ हो जाती है लेकिन इस स्थान पर तथा आसपास के क्षेत्र में लगातार सीवर बहने की स्मस्या बनी है जिसको लेकर जलं सस्थान ने आसपास के होटलों व रेस्टोरेंटों के खिलाफ कार्रवाई भी की लेकिन नजीता सीफर नजर आ रहा है। रोड पर चलते वाहनों से छीटे लोगों के कपड़ों को खराब कर रहे हैं वहीं दुर्गध से लोग नाक ढकने को मजबूर हो रहे हैं। यहीं हाल किंक्रेग का भी है जहां हर रोज सीवर बहने की समस्या बनी है। यहीं नहीं लंढौर क्षेत्र में भी आये दिन सीवर बहने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है हालांकि सूचना मिलने पर जल संस्थान के कर्मी मौके पर पहुंच कर सीवर को ठीक कर देते हैं लेकिन स्थाई समाधान नही हो पा रहा है।
जल संस्थान सीवर की समस्या से निपटने का लगातार प्रयास कर रहा है लेकिन उसके बावजूद सीवर बहने की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। जिसके कारण आम नागरिकों सहित पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना प़ड रहा है वहीं मसूरी की छवि पूरे देश में धूमिल हो रही है। इंद्रमणि बडोनी चौक मालरोड का प्रमुख स्थान है और दिन भर यहां पर बड़ी संख्या में पर्यटक विचरण करते है वहीं शाम को तो भारी भीड़ हो जाती है लेकिन इस स्थान पर तथा आसपास के क्षेत्र में लगातार सीवर बहने की स्मस्या बनी है जिसको लेकर जलं सस्थान ने आसपास के होटलों व रेस्टोरेंटों के खिलाफ कार्रवाई भी की लेकिन नजीता सीफर नजर आ रहा है। रोड पर चलते वाहनों से छीटे लोगों के कपड़ों को खराब कर रहे हैं वहीं दुर्गध से लोग नाक ढकने को मजबूर हो रहे हैं। यहीं हाल किंक्रेग का भी है जहां हर रोज सीवर बहने की समस्या बनी है। यहीं नहीं लंढौर क्षेत्र में भी आये दिन सीवर बहने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है हालांकि सूचना मिलने पर जल संस्थान के कर्मी मौके पर पहुंच कर सीवर को ठीक कर देते हैं लेकिन स्थाई समाधान नही हो पा रहा है।

