मसूरी । सामाजिक समरसता और शिक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बने कुसुम कान्ता फाउण्डेशन के छठवें स्थापना दिवस समारोह में उत्तराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों से शिक्षाविदों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री सेवा सदन में आयोजित यह समारोह शिक्षा, प्रतिभा और समाजसेवा से जुड़े विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने वाला प्रभावशाली आयोजन रहा।
कुसुम कान्ता फाउण्डेशन एवं मंथन वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 40 से अधिक प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की तथा उत्कृष्ट शिक्षकों एवं एनएसएस समन्वयकों को सम्मानित किया।
फाउण्डेशन की संस्थापक विदुषी ‘निशंक’ ने स्वागत संबोधन में संस्था की स्थापना की भावना तथा शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को पहचानना, उसे अवसर देना और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना ही फाउण्डेशन का मूल उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने फाउण्डेशन एवं मंथन वेलफेयर सोसाइटी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलना आवश्यक है। उन्होंने छात्रवृत्ति को विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा देने वाली पहल बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि शिक्षा ज्ञान के साथ संस्कार, संवेदना और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा का उपयोग समाज एवं राष्ट्रहित में करने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री श्री खजानदास ने कुसुम कान्ता जी के शिक्षा, साहित्य और समाज के प्रति समर्पित जीवन को स्मरण करते हुए कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा के मार्ग में बाधा न बनें, इसके लिए सामाजिक संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
समारोह का संचालन भाजयुमो के प्रदेश मंत्री एवं भारत सरकार के स्थायी अधिवक्ता आर्यन देव उनियाल एवं मोनिका शर्मा ने किया।
समारोह में विधायक श्रीमती सविता कपूर, पद्मश्री आर.के. जैन, पद्मश्री कल्याण सिंह मेहता, राज्यमंत्री कर्नल अजय कोठियाल, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, शोभाराम प्रजापति, मधु भट्ट, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा, डॉ. सविता मोहन, कुसुम कण्डवाल, प्रो. प्रदीप भारद्वाज, डॉ. राकेश सुन्द्रियाल, सचिदानंद भारती एवं योगगुरु लक्ष्मीनारायण जोशी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में फाउण्डेशन की गतिविधियों पर आधारित दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति तथा कविता प्रस्तुति भी हुई। कविता प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

