करोडो की लागत से बनी मालरोड पहली ही बारिश में बनी तालाब।

मसूरी:- पर्यटन नगरी की मालरोड गत वर्ष सात करोड़ से अधिक लागत से बनाई गई। तब लगा था कि मालरोड पर्यटकों के लिए नया लुक देगी व पर्यटकों सहित स्थानीय लोग इसका आनंद उठायेंगे, लेकिन दुर्भाग्य है कि रोड सौदर्यीकरण के नाम पर जो कार्य किया गया वह जहां गुणवत्ता विहीन रहा वहीं पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई जिसके कारण एक बारिश में ही मालरोड तालाब बन गई व लोगों को आने जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मालरोड के सौदर्यीकरण के तहत पूरी मालरोड को नया स्वरूप दिया गया जिसके तहत रोड के दोंनों किनारों व चौकों को काबल्स लगा कर बनाया गया, लेकिन अधिकतर स्थानों पर काबल्स लगते हीे उखड़ गये व काबल्स के उखड़ने का क्रम जारी है। वहीं कई स्थानो पर काबल्स धंस गये जिस कारण लोगों के चोटिल होने का खतरा भी बढ गया। वहीं रोड के बीच बीच में चैबर बने है उन पर अभी तक पूर्व में लगाये गये, लोहे की शीट लगी है जिस पर आये दिन स्कूटी सवार फिसल रहे है, जबकि इस संबंध में मंत्री गणेश जोशी की बैठक में भी यह विषय उठाया गया था। गत शाम को हुई भारी बारिश से मालरोड तालाब में बदल गया जबकि यह स्थिति गत वर्ष भी हुई थीी लेकिन एक साल बीतने पर भी मालरोड से पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की गई और न ही रेंलिंग नीची की गई। जिसके कारण बरसात होने पर माल रोड में कई स्थानों पर पानी जमा होने से  तालाब बन रहे है। करोड़ो रूपये खर्च करने के बाद भी अगर जनता व पर्यटकों को सुविधा नहीं मिल पा रही है तो इसमें विभाग की लापरवाही व कार्य के प्रति जिम्मेदारी प्रतीत नहीं होती। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि गत वर्ष मालरोड पर बरसात में पानी भरने पर निकासी की व्यवस्था कर दी गई थी, लेकिन अब अगर पानी भरा है तो इसको तुरंत निकासी बनाकर व्यवस्था ठीक की जायेगी। उन्हांेने कहा कि हो सकता है कि निकासी वाले स्थान पर कूड़ा करकट या कोई चीज फंस गई होगी जिस कारण पानी की निकासी नहीं हुई होगी इसे तुरंत ठीक कराया जायेगा।