मसूरी में तीन दिवसीय नेत्र सम्मेलन 23 से, लाइव सर्जरी करेंगे विशेषज्ञ।

मसूरी।उत्तराखंड राज्य नेत्र सोसायटी का तीन दिवसीय वार्षिक सम्मेलन उत्तरा आईकॉन-2026 मसूरी  पिक्चर पैलेस स्थित एक होटल में शुरू किया गया जिसका शुभांरंम मंत्री गणेश जोशी ने किया।
सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. बी.के. ओली ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सम्मेलन स्थल को वैज्ञानिक सत्र हॉल से जोड़ा गया व वहां बैठे दर्शक ऑपरेशन करने वाले सर्जन से सीधे बात कर सकेंगे और लाइव सर्जरी देख सकेंगे। तीन दिन के इस सम्मेलन में आंखों के डॉक्टरों के लिए नई तकनीकों पर चर्चा होगी। इसमें मोतियाबिंद का ऑपरेशन, लेसिक सर्जरी, लेजर सर्जरी, मधुमेह से आंखों पर असर और आंखों की प्लास्टिक सर्जरी जैसी बीमारियों और उनके नए इलाज के बारे में बताया जाएगा। सम्मेलन में 120 नए डॉक्टर  भी अपने शोध पत्र पेश करेंगे व उनके शोध पत्रों को पढा जायेगा। इससे उत्तराखंड मे आंखों के डॉक्टरों को इलाज और ऑपरेशन की नई तकनीक सीखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का सीधा फायदा उत्तराखंड की जनता और आंखों के मरीजों को मिलेगा। सम्मेलन में देश-विदेश में अच्छा काम करने वाले आंखों के डॉक्टरों को सम्मानित भी किया जाएगा। इस सम्मेलन में देश विदेश के 550 नेत्ररोग विशेषज्ञ प्रतिभाग कर रहे है। इस मौके पर आयोजन सचिव डा. विशाल शर्मा ने बताया कि उत्तराखंड स्टेट ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसायटी की 22वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस उत्तरा आईकॉन-2026 का आयोजन मसूरी में किया जा रहा है। इसमें नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नए शोध, आधुनिक तकनीकों और उपचार की नवीन विधियों पर चर्चा की गई।  सोसायटी के प्रांतीय सचिव डॉ. अमित सिंह, आयोजन सचिव डॉ. विशाल एच. शर्मा और वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. सौरभ लूथरा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के नेत्ररोग विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। विशेषज्ञ अपने शोध प्रस्तुत करने के साथ नेत्र रोगों की पहचान, उपचार और सर्जरी की आधुनिक तकनीकों पर अनुभव साझा करेंगे। सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय अतिथि वक्ताओं के रूप में डॉ. वविकर चंद्रशेखर मुरलीधर, डॉ. प्रमोद एस. भेंडे, डॉ. संजय श्रीनिवासन और डॉ. विश्वनाथ पाल शामिल होंगे। वहीं, राष्ट्रीय वक्ताओं में अखिल भारतीय ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसायटी के अध्यक्ष प्रो. अशोक ग्रोवर शामिल रहे। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में विभिन्न शैक्षणिक प्रतियोगिताएं और सम्मान समारोह भी आयोजित होगा। पीजी छात्रों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिससे उन्हें आधुनिक नेत्र चिकित्सा की तकनीकों और शोध की जानकारी मिल सकेगी। इस मौके पर डा. प्रो. तरन्नुम शकील सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक मौजूद रहे।