जोत सिंह बिष्ट ने छोड़ा काग्रेंस का हाथ ।

देहरादून-कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। बिष्ट ने विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के कुछ नेताओ पर भितरघात करने का आरोप लगाया है। बिष्ट ने  बताया कि चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओ द्वारा खुलेआम भाजपा प्रत्याशी के लिये काम किया गया, प्रचार किया और धन भी बांटा। इनके खिलाफ शिकायत की गई तो नेतृत्व ने कार्रवाई तक नहीं की, बकौल बिष्ट मेरा मन बेहद आहत है आज की तारीख से मेरा कांग्रेस से कोई संबंध नही रहा, इस्तीफे के बाबत पूछने पर बिष्ट ने दो टूक कहा कि मैं कोई वेतन-पेंशन भोगी कर्मचारी नहीं हूं जो इस्तीफे की औपचारिकता पुरी करता रहूं। मैं वैचारिक रूप से कांग्रेस से 40 साल से जुड़ा रहा था। अब चूंकि विचार नही दिख रहा है, इसलिए अब कांग्रेस में नहीं रह सकता। बता दें कि उन्होंने धनोल्टी से विधानसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने फेसबुक पर अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि मैं पार्टी के सभी पदों के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे रहा हूं। दिग्गज कांग्रेस नेता ने फेसबुक पर लिखा, ‘मा. सोनिया गांधी, श्री राहुल गांधी, श्री हरीश रावत, श्री यशपाल आर्य जी, श्री करण महरा जी, श्री प्रीतम सिंह चौहान जी एवं उत्तराखंड कांग्रेस के सभी वरिष्ठ/कनिष्ठ सहयोगी साथियों के संज्ञानार्थ! आप सबके स्नेह एवं सहयोग से मैंने अपने राजनीतिक जीवन के 40 वर्षों का सफर तय किया है। आज आप सभी साथियों को अत्यंत दुखी मन से सूचित कर रहा हूं कि कांग्रेस पार्टी में लंबे समय से चल रहे अंतर्कलह, अनुशासन हीनता, निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी व एक तरफा फैसलों के चलते पार्टी का भविष्य अनिश्चितता की ओर जा रहा है। नेतृत्व की पांत में बैठे लोग लगातार हार के बाद भी सबक लेने के बजाय व्यक्तिगत हितों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसमें मुझे अब दूर दूर तक सुधार की कोई गुंजाइश नहीं दिखाई देती है, इसलिए किसी पर किसी प्रकार का व्यक्तिगत आरोप न लगाकर तथा कोई व्यक्तिगत दुर्भावना रखे बिना मैं कांग्रेस पार्टी के सभी पदों के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे रहा हूं।’आखिर में जोत सिंह बिष्ट ने लिखा कि यह फैसला लेते हुए मन आहत है। मैं सभी साथियों का आभार प्रकट करता हूं। उन्होंने कहा, ‘मेरी कार्यशैली की वजह से मुझे पसंद या नापसंद करने वाले आप सभी साथियों का आभार प्रकट करता हूं। फैसला लेते हुए मन बहुत आहत है। बातें तो बहुत हैं लेकिन अब ज्यादा लिखना सम्भव नहीं है। आप सभी का हार्दिक धन्यवाद। बाबा केदार सबकी रक्षा करें।’

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