मसूरी:- मसूरी गर्ल्स इंटर कालेज व सनातन धर्म गर्ल्स इंटर कालेज में आयोजित कार्यक्रम में संस्कृत शिक्षा सहायक निदेशक डा. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतवर्ष को नव्य और दिव्य बनाने से पूर्व सभ्य बनाने की आवश्यकता है, और इसकी शुरुआत शिक्षा के मंदिरों से ही संभव है।
सहायक निदेशक घिल्डियाल ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना भारतवर्ष को नव्य और दिव्य बनाते हुए विकसित भारत का निर्माण करना है, और उसके लिए सबसे पहले देश की सभ्यता और संस्कृति की रक्षा आवश्यक है, जिसकी शुरुआत हमें विद्यालयों और विशेष रूप से बालिका विद्यालयो से करनी होगी। बालिका अविवाहित में पिता के घर एवं विवाह होने के बाद में पति के घर अर्थात दो घरों को शिक्षा से प्रकाशित करती है, और यदि वह संस्कारी शिक्षा ले लेती है, तो निश्चित रूप से पूरा देश सभ्य होगा और फिर नवाचारों तथा वैज्ञानिक तकनीकी से देश को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में खड़ा करने में देर नहीं लगेगी। सहायक निदेशक डॉ घिल्डियाल ने सनातन धर्म गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. नम्रता श्रीवास्तव के कुशल प्रशासन की प्रसंसा करते हुए उन्हें विद्यालय का नाम द्वितीय राजभाषा संस्कृत में भी लिखने के निर्देश दिए, तो दूसरी तरफ मसूरी गर्ल्स इंटर कॉलेज का नाम पहले से ही संस्कृत भाषा में लिखा देखकर वह गदगद हुए तथा विद्यालय में नींबू के पौधे का रोपण करते हुए उन्होंने प्रधानाचार्य प्रभा थपलियाल सहित पूरे स्टाफ की प्रसंसा की। उन्होंने विद्यालय की साफ सफाई एनसीसी, होम साइंस तथा ईको क्लब के कार्यों की विशेष रूप से सराहना की। सहायक निदेशक ने जहां एक तरफ सनातन धर्म गर्ल्स इंटर कॉलेज में वर्ष 2024 -25 की परिषदीय परीक्षाओं में हाई स्कूल में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्रा तानिया को सम्मानित कर हौसला अफजाई की ,वही मसूरी गर्ल्स इंटर कॉलेज में सबसे छोटे कर्मचारी के रूप में 38 वर्ष की लंबी सेवा से सेवानिवृत होने के बावजूद पुनः सेवा दे रहे परिचारक नरेंद्र सिंह चौधरी को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित करके छोटे कर्मचारियों के सहयोग की सराहना की। दोनों संस्थानों में पहली बार पहुंचने पर प्रधानाचार्यों द्वारा सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल का पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र देकर भव्य अभिनंदन किया गया। इस मौके पर विद्यालयों के सभी शिक्षक ,कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

