मसूरी:- बल की मुख्यधारा में शामिल होने वाले 53 अधिकारियों में 52 मेडिकल व एक जैग अधिकारी शामिल है ,इनमें 14 महिला चिकित्साधिकारी हैं। प्रशिक्षण लेने वाले अधिकारियों में देश के विभिन्न राज्यों से थे जिसमें केरल व राजस्थान के 8-8, तमिलनाडु से 5, उत्तर प्रदेश से 4, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, मणिपुर से 3-3, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना, पांडिचेरी से 2-2, बिहार, असम, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, व उत्तराखंड से 1-1 अधिकारी शामिल हैं।
प्रशिक्षण के दौरान श्रेष्ठ प्रशिक्षणार्थियों को डीजी आईटीबीपी ने सम्मानित किया जिसमें ओवर आल बेस्ट प्रशिक्षु एमओ ताविशी कोयार, बेस्ट इन इनडोर सहायक सेनानी मेडिकल ऑफिसर ताविशी कोयार व बेस्ट इन आउट डोर प्रशिक्षु सहायक सेनानी मेडिकल ऑफिसर धमेंद्र सिंह गोबाड़ी को कप देकर सम्मानित किया गया।
परेड के बाद बल के ब्रास बैंड व पाइप बैंड ने अपनी मधुर धुनों से दर्शकों को आकर्षित किया वहीं बल के जूड़ो कराते टीम ने दांतो तले उंगली चबाने वाला प्रदर्शन किया, जिसमें बर्फ की सिल्ली व मारबल तोडना, कील पर लेट पत्थर तोड़ना, लकडी के तख्तों, कांच,टयूब लाइट को तोडना व गले से सरिया मोड़ना, व शरीर पर लकड़ी के प्रहार को झेलना, बाइक चलाकर टयूूब लाइटों को तोड़ना, आग के घेरे में कूदना आदि थे वहीं पीटी के तहत भी जवानों ने हैरतअंगेज कारनामें दिखा कर सभी को अचंभित किया।
बल की मुख्यधारा में शामिल हुई मेडिकल अधिकारी व परेड का नेतृत्व करने वाली ताविशी कोयार ने कहा कि परेड का निरीक्षण करना महिला शक्तिकरण को बढावा देना है। उन्होंने कहा कि उनकी तीसरी पीढी देश सेवा में आई है बताया कि उनके दादा, पिता भी आर्मी में थे चाचा भी सेना में हैं। उन्होंने कहा कि आज गर्व का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत करने से सफलता मिलती है। अतरा बतुल सना ने कहा कि उनका सेना में जाने का सपना पूरा हो गया है व बहुत खुश हूं कि देश सेवा का अवसर मिला, उत्तराखंड के पिथौरा गढ से मेडिकल अधिकारी बने धमेंद्र गोबाड़ी ने कहा कि पिता आसाम राइफल में तैनात है व उन्हंे आईटीबीपी में सेवा का मौका मिला है। काफी कठिन प्रशिक्षण था व अब सपना पूरा हो गया है। मेडिकल अधिकारी प्रशांत कुमार गुप्ता ने कहा उनके परिवास से कोई वीर सेवा में नहीं है लेकिन उन्हें अवसर मिला और उनके देश सेवा का सपना पूरा हुआ है।

