मसूरी;-शिफनकोर्ट आवासहीन निर्बल मजदूर वर्ग एवं अनुसूचित जाति संघर्ष समिति, मसूरी ने आज एक ज्ञापन निदेशक शहरी विकास विभाग भेजकर एक माह के भीतर शिफनकोर्ट वासियों को पूर्व स्थल शिफनकोर्ट पर ही पुर्नवासित करने की मांग की है और मांग पूरी न होने पर एक मार्च से व्यापक आन्दोलन छेड़ने की चेतावनी है, कहा गया कि जोशीमठ आपदा के बाद कच्चे स्थल पर अब रोपवे नहीं बन सकता।
ज्ञापन में कहा गया है कि रोपवे प्रोजेक्ट निर्माण के नाम पर मसूरी शिफनकोर्ट में कई दशकों से निवास कर रहे गरीब एवं अनुसूचित जाति के मजदूर परिवारों को 2 वर्ष पूर्व गंभीर कोरोना काल में बहुत ही अमानवीय ढ़ंग से हटा दिया गया था और नगर पालिका द्वारा प्रस्ताव पास कर अन्यत्र आवास देने का वादा किया गया था मगर अब 3 साल होने को हैं लेकिन शिफनकोर्ट पर रोपवे निर्माण का एक पत्थर तक नहीं लगा।
इस अवसर पर संघर्ष समिति के संयोजक प्रदीप भंडारी ने कहा कि वहाॅ पर रोपवे बनने के आसार नज़र नही आ रहे हैं और अब जोशीमठ आपदा के बाद तो यह तय है कि कच्चे स्थान पर रोपवे नहीं बन सकता, उन्होंने कहा कि यदि शिफन कोर्ट के निवासियों को स्थापित नहीं किया गया तो वे 1 मार्च से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे।
इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि शिफन कोर्ट के निवासी आज भी बेघर हैं और अपने विस्थापन को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
इस अवसर पर व्यापार संघ के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा हंस कॉलोनी का उद्घाटन किया गया था हंस फाउंडेशन द्वारा इन्हें आवासीय कालोनी बना कर आवास उपलब्ध किया जाना था लेकिन आज तक वहांपर एक ईंट तक नहीं लग पाई है।
वही पालिका सभासद गीता कुमाई ने कहा कि नगर पालिका द्वारा कोई भी प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजा गया है और यदि भेजा गया है तो नगरपालिका को वह सार्वजनिक करना चाहिए। इस अवसर पर पूर्व सभासद केदार चौहान , बिल्लू बाल्मीकि, अनीता सक्सेना, विनोद लाल, दयाल सिंह, सुषमा देवी, संपत्ति लाल सहित भारी मात्रा में लोग मौजूद थे।

