मसूरी। एमपीजी कालेज छात्रसंघ चुनाव में चुनाव प्रबंधन समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल खडे करते हुए एबीवीपी, एनएसयूआई, मसूरी छात्र संगठन जौनपुर ग्रुप ने जमकर प्रधानाचार्य कार्यालय में हंगामा काटा, वहीं एनएसयूआई सहित अन्य छात्र संगठन के छात्र प्रधानाचार्य के कक्ष में धरना देकर बैठ गये। छात्र नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रबंधन समिति के गलत निर्णय लेने से छात्रसंघ चुनाव कराया जाना कठिन हो गया है अंत में प्रधानाचार्य डा. सुनील चौहान ने गढवाल विश्व विद्यालय को पत्र भेज कर आगामी दिशा निर्देश आने तक चुनाव पर रोक लगा दी है।
एमपीजी कालेज में गत दिवस नामांकन में एबीवीपी के तीन पदों पर नामांकन में कमी पाये जाने पर उनका नामांकन नहीं कराया जा सका। लेकिन चुनाव प्रबंधन समिति ने देर शाम को एनएसयूआई के तीन प्रत्याशियों के खिलाफ अन्य कोई प्रत्याशी न होने पर परिणाम की घोषणा कर दी। जिस पर एबीवीपी भड़क गयी व सुबह से ही कालेज में हंगामें का वातावरण रहा। एबीवीपी के नेताओं का आरोप है कि जबतक नामांकन पत्रों की जांच नहीं हो जाती तब तक चुनाव प्रबंधन समिति ने दूसरे पक्ष के तीन पदों पर चुनाव लडने वालों के चुनाव परिणाम किस आधार पर घोषित कर दिए। वहीं एनएसयूआई के छात्र नेताओं का आरोप है कि महाविद्यालय प्रशासन भाजपा के दबाव में कार्य कर रहा है अगर ऐसा है तो वह सभी पदों पर चुनाव नहीं लडेगे व उनके नामांकन वापस लिए जाय। जिसको लेकर कालेज के प्रधानाचार्य के कक्ष में प्रधानाचार्य के साथ तीखी बहस हुई व वहीं पर एनएसयूआई के छात्र धरने पर बैठ गये। इस मौके पर एनएसयूआई के छात्र नेता जगपाल गुसांई ने कहा कि भाजपा व उसके आनुसांगिक संगठन वोट चोरी के आधार पर चुनाव लड़ते व जीतते है लेकिन 11 से 2 बजे का समय स्कू्रटनी का था व उसके बाद नाम वापसी का समय था लेकिन न ही स्कू्रटनी की गयी न ही नाम वापसी की गयी, न ही कोई लिस्ट लगायी जिसका विरोध किया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानाचार्य डा. सुनील पंवार ने कहा कि कालेज चुनाव प्रबंधन समिति अपना कार्य कर रही थी उसी बीच पहला गुट आया व विरोध शुरू कर दिया वह संतुष्ट नहीं थे, उनकी कुछ आपत्तियां थी वहीं उसके बाद दूसरा गुट आया उनकी भी कुछ आपत्तियां थी व उन्होंने विरोध किया जिस पर चुनाव समिति ने निर्णय लिया कि इस समस्या के लिए विश्वविद्यालय से दिशा निर्देश लिए जायेंगे। जब तक वहां से कोई निर्देश नहीं आता तब तक चुनाव प्रक्रिया को रोक दिया गया है। इस मौके पर मुख्य चुनाव अधिकारी डा. अमिताभ भटट भी मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कोतवाल नरेंद्र गहलावत सहित पुलिस बल महाविद्यालय में मौजूद रहा।
एमपीजी कालेज में गत दिवस नामांकन में एबीवीपी के तीन पदों पर नामांकन में कमी पाये जाने पर उनका नामांकन नहीं कराया जा सका। लेकिन चुनाव प्रबंधन समिति ने देर शाम को एनएसयूआई के तीन प्रत्याशियों के खिलाफ अन्य कोई प्रत्याशी न होने पर परिणाम की घोषणा कर दी। जिस पर एबीवीपी भड़क गयी व सुबह से ही कालेज में हंगामें का वातावरण रहा। एबीवीपी के नेताओं का आरोप है कि जबतक नामांकन पत्रों की जांच नहीं हो जाती तब तक चुनाव प्रबंधन समिति ने दूसरे पक्ष के तीन पदों पर चुनाव लडने वालों के चुनाव परिणाम किस आधार पर घोषित कर दिए। वहीं एनएसयूआई के छात्र नेताओं का आरोप है कि महाविद्यालय प्रशासन भाजपा के दबाव में कार्य कर रहा है अगर ऐसा है तो वह सभी पदों पर चुनाव नहीं लडेगे व उनके नामांकन वापस लिए जाय। जिसको लेकर कालेज के प्रधानाचार्य के कक्ष में प्रधानाचार्य के साथ तीखी बहस हुई व वहीं पर एनएसयूआई के छात्र धरने पर बैठ गये। इस मौके पर एनएसयूआई के छात्र नेता जगपाल गुसांई ने कहा कि भाजपा व उसके आनुसांगिक संगठन वोट चोरी के आधार पर चुनाव लड़ते व जीतते है लेकिन 11 से 2 बजे का समय स्कू्रटनी का था व उसके बाद नाम वापसी का समय था लेकिन न ही स्कू्रटनी की गयी न ही नाम वापसी की गयी, न ही कोई लिस्ट लगायी जिसका विरोध किया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानाचार्य डा. सुनील पंवार ने कहा कि कालेज चुनाव प्रबंधन समिति अपना कार्य कर रही थी उसी बीच पहला गुट आया व विरोध शुरू कर दिया वह संतुष्ट नहीं थे, उनकी कुछ आपत्तियां थी वहीं उसके बाद दूसरा गुट आया उनकी भी कुछ आपत्तियां थी व उन्होंने विरोध किया जिस पर चुनाव समिति ने निर्णय लिया कि इस समस्या के लिए विश्वविद्यालय से दिशा निर्देश लिए जायेंगे। जब तक वहां से कोई निर्देश नहीं आता तब तक चुनाव प्रक्रिया को रोक दिया गया है। इस मौके पर मुख्य चुनाव अधिकारी डा. अमिताभ भटट भी मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कोतवाल नरेंद्र गहलावत सहित पुलिस बल महाविद्यालय में मौजूद रहा।

