सीवर का पानी नदी में छोडे जाने से आक्रोश, एसडीएम व जल संस्थान को दिया ज्ञापन।

मसूरी:-मसूरी के निकटवर्ती ग्राम कंपनीबाग- खेतवाला निवासी अमित पंवार ने एसडीएम व जल संस्थान को ज्ञापन देकर रिस्पना नदी के उदगम में सीवर का पानी डाले जाने पर रोष व्यक्त किया व मांग की कि शीघ्र नदी में डाले जा रहे सीवर को बंद करवाया जाय।
एसडीम को दिए ज्ञापन में कहा गया कि सीवर का गंदा पानी मॉसी फॉल नदी में गिराये जाने से पूरी नदी का पानी गंदा हो गया है व दुर्गधं उठ रही है। जिससे आस पास के लोगों को परेशानी हो रही है। ज्ञापन में कहा गया कि यह पानी मॉसी फॉल, सूर्या फॉल, व शिखर फॉल जैसे पर्यटक स्थल में जाता है जहां हजारो की संख्या में पर्यटक जाते हैं व नहाते हैं, यही नहीं यह पानी आगे जाकर शहंसाही आश्रम राजपुर में बने पानी के  टैंकों में जाकर जाखन क्षेत्र के निवासियों को आपूर्ति की जाती है। ज्ञापन में कहा गया कि पानी में सीवर डालने से आस पास की वनस्पतियों सहित पानी में रहने वाले जीवों को भी नुकसान पहुचा रहा है। ज्ञापन में मांग की गई की शीध्र नदी में गिरने वाले सीवर को बंद करवाया जाय ताकि किसी को परेशानी न हो। एक ज्ञापन जल संस्थान को भी दिया गया व उनसे नदी में गिर रहे सीवर को बंद करने की मांग की गई। मालूम हो कि यही रिस्पना नदी का उदगम है और यहां से ही यह पानी आगे जाकर रिस्पना नदी के नाम से जाना जाता है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिह रावत ने रिस्पना नदी के पुनर्जीवित करने व संरक्षण के लिए मॉसी फॉल आकर योजना का शुभारभं किया था जो उनका ड्रीप प्रोजेक्ट था। इस संबंध में पूछने पर जल संस्थान के सहायक अभियंता टीएस रावत ने बताया कि जल संस्थान व जल निगम की टीम दो दिनों में इस क्षेत्र की जांच करने जायेगी जिससे पता लगाया जा सके कि नदी में सीवर कहां से आ रहा है जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि आईडीएच में जल निगम ने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया रखा है या तो वहाँ से सीवर नदी में छोडा गया है या नगर पालिका की सीवर लाइन से गंदा पानी छोड़ा जा रहा है यह जांच के बाद पता लग पायेगा।