मसूरी:- पहाड़ों की रानी मसूरी के समीप प्रमुख पर्यटक स्थल देवल सारी स्थित भोले नाथ की थाती पर बने प्राचीन मंदिर में पारंपरिक बाध्ययंत्रों की थाप व बैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मंदिर के पुजारी विजय गौड़ ने ग्रामीणों की मौजूदगी और तिरकालदर्शी नीलकंठ के जय घोष के साथ मंदिर के गर्भ गृह में हरियाली पर्व का शुभारम्भ कर दिया है,

मान्यताओं के मुताबिक भगवान शंकर की थाती देवल सारी के प्राचीन मंदिर में भाद्रपद के माह में पड़ने वाली हरियाली का शुभारम्भ हो गया है जिसको लेकर स्थानीय निवासियों में खुशी का माहौल है। स्थानीय निवासी आचार्य रामेश्वर प्रसाद कोठारी, हुकम सिंह राणा, प्रेम सिंह राणा, चन्द्र सिंह रावत ने बताया कि 31 अगस्त को रात्रि जागरण कागल रात्रा व 1 सितम्बर को हरियाली काटी जायेगी। जिसके पश्चात श्रद्धालुओं को भोले नाथ के प्रसाद के रूप में वितरित की जायेगी। वहीं उन्होंने बताया कि देवल सारी स्थित भगवान कोनेश्वर महादेव के प्राचीन मंदिर का महत्व अपने आप में अलग है उन्होंने बताया कि आज से वरषों पूर्व देवलसारी में बांगसील निवासियों की चवारी की खेती हुआ करती थी, जगह की रमणीकता को लेकर भगवान भोले नाथ ने एक साधु का भेष धारण कर ग्रामीण से एक पग जगह मांगने की गुजारिश की लेकिन जगह ना मिलने पर क्रोधित होकर त्रिकालदर्शी ने ग्रामीणों की चवारी की खेती को देवारी में तब्दील कर लिंग की उत्पति कर दी। जिस कारण तब से ही देवल सारी में भगवान शंकर को कोनेश्वर महादेव के नाम से पूजा जाता है, उन्होंने बताया कि एक साल देवल सारी और एक साल ग्राम बंगसील में हरियाली डालने की बरषों पुरानी प्रथा आज भी कायम है। बताया जाता है कि मंदिर के गर्भ गृह में आज भी भगवान शंकर स्वयम बिराजमान है और मंदिर परिक्रमा करने आधी रात्रि के समय पर शेर आया करता है जो परिक्रमा करके स्वतः गायब हो जाता हैै। वहीं हरियाली के दिनों में आस पड़ोस व दूर दराज के सैकड़ों लोग मंदिर पहुंचकर मन्नते मांगते है जिनकी मुरादे कोनेश्वर महादेव पूरा करते है।

