मसूरी प्रेस क्लब मसूरी संवाद कार्यक्रम में डीएफओ डीपी बलूनी ने विभाग से संबंधित समस्याओं की जानकारी दी।

मसूरी। मसूरी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी डी पी बलूनी ने मसूरी प्रेस क्लब के तत्वाधान में आयोजित मसूरी संवाद कार्यक्रम में विभाग से संबंधित जानकारी विस्तार से दी । विभाग के वन भूमि, आरक्षित वन भूमि, फ्रीज जोन आदि के बारे में विस्तार से जानाकारी दी। उन्होंने कहा कि मसूरी वन प्रभाग समाज हित में जो कार्य करता है वह ईमानदारी से करता है  लेकिन आम जनता में विभाग को लेकर कुछ भ्रम  कीस्थित  है, उन्होंने यह भी कहा कि जहां राम होगा वहां रावण भी होता है।
मसूरी प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में मसूरी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी बलूनी ने मसूरी के सीमांकन के सवाल पर कहा कि नगर पालिका का 1966 का नोटिफिकेशन है उसमें 218 प्राइवेट फारेस्ट में संपत्तिंयां है, दूसरे चरण में यह कार्य किया जायेगा।  2012 के आसपास इस दिशा में सोचा गया था व नगर पालिका, वन विभाग ने संयुक्त प्रयास से सर्वे ऑफ इंडिया के साथ मिलकर किया। जिसमें सौ स्टेट का सीमांकन हो चुका है। जो 118 स्टेट है उनकी सीमांकन की कार्रवाई जारी है, लेकिन सर्वोच्च न्याायलय की गाइड लाइन के तहत प्राइवेट फारेस्ट का मैनेजमेंट प्लान बनाया जायेगा। इस कार्य को शीघ्र शुरू किया जायेगा जिसका वहन प्राइवेट संपत्ति स्वामी को करना होगा। मसूरी वन प्रभाग के अंतर्गत जौनपुर विकासखंड के सेंदुल क्षेत्र में आदमखोर तेंदुए की बात सामने आयी वह स्वयं वहां गये है व जंगल में टैप कैमरे लगाये गये है, हालांकि अभी तक कोई जनहानि नहीं हुई व लगातार रैकी की जा रही है। लेकिन उन्होंने यह बताया कि वह तेंदुआ बीमार लग रहा है अगर जरूरत पड़ी तो उसे ट्रेंकुलाइज  किया जायेगा। उन्होंने ग्रामीणों को पीडी देने के बारे में कहा कि विभाग का वर्किग प्लांन दस वर्ष को ध्यान में रखकर बनता है उसमें सभी चीजों को लिया जाता है, अब वर्किग प्लान बन चुका है व शीघ्र कार्रवाई होगी। वन स्वरूप, ईको सिस्टम व एनओसी के सवाल पर उन्होंने कहा कि सवाल मसूरी का ही नहीं है, 1996 में यह शुरू हुआ था कोर्ट ने डीम्ड फारेस्ट में भी उनमें भी एससी एक्ट लागू होगा चाहे व्यक्तिगत संपत्ति क्यो न हो। मसूरी वन प्रभाग में भी इस पर कार्य शुरू किया गया था व वन स्वरूप की सीमा तय की गयी थी व सूचियां बनी थी, वर्ष 2000 में उत्तराखंड में भी इस पर कार्य हुआ लेकिन अभी यह मामला न्यायालय में लंबित है। वनों में प्राइवेट लैंड में फेनिसंग करने पर जंगली व पालतू जानवरों को हो रही परेशानी पर कहा कि यह मामला पिछले वर्ष से चल रहा है प्राइवेट प्रापर्टी में हम रोक नहीं सकते लेकिन जहां जंगली जानवरों का आवागमन है वहां पर बीच बीच में पैसेज खाली छोडने चाहिए व इस पर विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने जंगलों में निर्माण का मलवा फेंकने पर कहा कि अगर कोई ऐसा करता है व डंपिंग जोन के अलावा अन्यत्र मलवा फेंकता है तो उस पर कडी कार्रवाई की जायेगा। मौसम में आये बदलाव पर कहा कि यह समस्या सभी जगह है व इसका प्रकृति पर प्रभाव पड़ रहा है। विकास की अंधी दौड व विश्व में हो रहे युद्ध इसका प्रमुख कारण है, जिससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। इसका प्रभाव जंगली जानवरों पर भी पड़ रहा है व वे एग्रेसिव हो रहे है। वनों के अवैध कटान व खनन पर कहा कि अगर ऐसा होता है तो विभाग कार्रवाई करेगा। खनन की कोई इजाजत नही है व ऐसा करने पर कार्रवाई की जाती है। मसूरी वन प्रभाग में 25 प्रतिशत मसूरी व देहरादून में आता है व 75 प्रतिशत हिस्सा टिहरी गढवाल में आता है। विभाग इस पर प्लान के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर कार्य करता है। पेडो पर उग रही बेलें पेडों को नुकसान पहुंच रहा है इस समस्या से कैसे निपटा जायेगा। इसका निस्तारण प्लान बनने के बाद किया जायेगा। खटटा पानी क्षेत्र में वनों को हो रहे नुकसान पर उन्होंने कहा कि इसका संज्ञान लिया जायेगा व छावनी के साथ ही वन विभाग इस संबंध में कार्रवाई करेगा। नोटिफाइड में अपनी संपत्ति पर खुदाई कर सकता है व डिनोटिफाइड में नहीं भले ही उसमें वन नहीं है उस पर घर बना सकता है। उन्होंने कहा कि मसूरी को सर्वोच्च न्याायलय की मानिटरिंग कमेटी देखती है, अगर डिनोटीफाइड है तो उसमें वह तारबाड़, खुदाई कर सकता है लेकिन नोटिफाइड में नहीं कर सकता। 1980 से पहले अगर संपत्ति पर भवन है तो वहां पर निर्माण किया जा सकता है लेकिन भारत सरकार को यह प्रपोजल जायेगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में सवालों का जबाव दिया गया व भ्रातियों का निस्तारण किया गया। खनन पर कहा कि खनन पर वन विभाग सीरियस है, इसके लिए दिन रात पेट्रोलिंग की जा रही है बैरियरों को सक्रिय किया गया है,वाइल्ड लाइफ वाले क्षेत्रों का चिन्हीकरण किया गया है व वहां की जनता से संवाद किया गया व वालियंटियरों की टीम बना कर उन्हें प्रशिक्षत किया जायेगा। इस मौके पर एसडीओ दिनेश नौडियाल भी मौजूद रहे।