रयाट गांव में कूड़ा डंपिग जोन बनाने का ग्रामीण कर रहे विरोध।

मसूरी। रयाट गांव क्षेत्र में प्रशासन के तत्वाधान में बनाये जा रहे कूड़ा डंपिंग जोन का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया व मौके पर जाकर नारेबाजी की व इस क्षेत्र में किसी भी कीमत पर कूड़ा डंपिग जोन नहीं बनने दिये जाने को लेकर बैठक कर निर्णय लिया।
मालूम हो कि उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील धनोल्टी में बैठक की गयी थी जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, विभिन्न ग्राम सभाओं के जनप्रतिनिधियों व वेस्ट वारियर संस्था के लोग मौजूद थे जिसमें निर्णय लिया गया था कि केंपटी, कैंपटी फॉल, ग्रामीण बाजार व पर्यटन क्षेत्र में उत्सर्जित हो रहे कूडें के निस्तारण के लिए रयाट गांव क्षेत्र में कूड़ा डंपिंग जोन बनाने का निर्णय लिया गया व कार्य शुरू कर दिया गया। इसका पता लगने पर ग्रामीणों ने विरोध किया व कहा कि यह क्षेत्र उनके गांव रयाट गांव से लगा है, इस क्षेत्र के सौ मीटर दूरी पर उनका जल स्रोत है वहीं चुगान का क्षेत्र है ऐसे में यहां कूड़ा डंपिग जोन बनाया गया तो ग्रामीणों को समस्या होगी, पानी दूषित होगा। ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव में जब कूड़ा नहीं है तो अन्य क्षेत्रों के कूड़े का डंपिग जोन हमारे गांव में नहीं बनने दिया जायेगा। इसे कहीं और बनाया जाय। मौके पर जाकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर इसका विरोध किया व अपर मुख्य अधिकारी को पत्र प्रेषित भी किया गया। लेकिन उसके बाद भी यहां पर कूड़ा डंपिग जोन बनाने का कार्य शुरू किया गया। ग्रामीणों का कहना था कि यहां पर जेसीबी चलाई जा रही है जिसकी परमिशन भी नहीं  व कूड़ा डंपिग जोन बनने से यहां के 150 परिवारों को व उनके पशुओं की जलापूर्ति दूषित होगी। ग्रामीणों ने कार्य बंद करने व कूडा डंपिग जोन अन्यत्र बनाने की मांग की। इस मौके पर कमल सिंह पंवार, गजे सिंह, ग्राम प्रधान लगवाल गांव बिजली देवी, सिंया लाल, अनिल खन्ना, रमल सिंह , विक्रम सिंह, सूरज सिंह, सुखबीर सिंह, गुडडू सिंह, सूरत सिंह, दीपक सिंह, राजेंद्र सिंह, पूरन सिंह, श्याम सिंह आदि मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर कूड़ा डंपिग जोन बनाने वालों का कहना है कि इससे कोई प्रदूषण नहीं होगा, प्लांट बंद होगा व जल स्रोत सौ मीटर से दूर है जिसका कोई प्रभाव इस पर नहीं पडेगा। क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों के प्रधानों की मौजूदगी व उनकी सहमति के बाद ही यहां कूड़ा डंपिग जोन बनाया जा रहा है।