मसूरी। दूधली में चल रहे भूमि विवाद में अधिवक्ता शुभम राणा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गत 17 अप्रैल को दूधली में एक सभा का सोशल मीडिया पर उकसाने वाले मैसेज भेजे गये, जिस पर अंदेशा हुआ कि वे भूमि स्वामी को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं जिस पर 16 अप्रैल को मसूरी कोतवाली में तहरीर दी गयी कि 17 अप्रैल को कानून व्यवस्था खराब हो सकती है इसकी पुलिस से मदद मांगी।
उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को पुलिस के साथ दूधली मौके पर पहुंचे तो देखा कि कुछ लोग दूधली चौक पर बैरियर लगा रहे थे। जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची जबकि मैं स्वयं व भूमि स्वामी गाडी में ही रहे। उन्होंने कहा कि वह भी वहां के निवासी है लेकिन जो लोग वहां थे वह उस क्षेत्र के नहीं थे। वहां पर लोगों ने मौजूद अधिवक्ता शुभम राणा को जान से मारने की धमकी दी व पूछा कहां के हो तो कहा कि वह इसी क्षेत्र छसखेत के निवासी है व आधार दिखाया व उसे छीन लिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उन्हें लौटा दिया। इस बीच नगर पालिका अधिकारी अधिकारी व प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे उन्हें मैने ही फोन कर सूचना दी थी। शाम के समय पुलिस ने बताया कि बैरियर हटा दिया है आप अपनी संपत्ति पर जा सकते है। जैसे ही मौके पर अपनी जमीन पर पहुंचे तो एक गाडी ने पीछा किया व देखा तो उनकी जमीन की फेनसिंग तोड दी गयी थी व वहां पर लोगों का जमावाड़ा देख वापिस आने लगे तो जो गाड़ी पीछा कर रही थी वह आगे लगा दी गयी। गाडी नरेश चला रहा था जो आर्म एक्ट में फंसा है जिसकी बेल उन्होंने करवायी थी उसके बाद रामपाल आया व उन्होंने लोगों से कहा कि इन्हें मारो व मेरा फोन छीना व एक व्यक्ति ने मेरे उपर हमला किया, उसके बाद भूमि स्वामी सहित हमारे साथ मारपीट की। उन्होंने बताया कि मेरे उपर एससी एसटी एक्ट व महिलाओं से अभद्रता के तहत पुलिस में तहरीर दी। उन्होंने कहा कि वह तो अधिवक्ता के नाते भूमि स्वामी के साथ गये थे व उन्हें बंदी बना दिया गया। जिसका मेरे पेशे पर प्रभाव पड़ा है। उसके बाद भू स्वामी कोतवाली में द्वारा घटना की तहरीर दी है वहीं दूसरे पक्ष ने भी तहरीर दी है।
उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को पुलिस के साथ दूधली मौके पर पहुंचे तो देखा कि कुछ लोग दूधली चौक पर बैरियर लगा रहे थे। जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची जबकि मैं स्वयं व भूमि स्वामी गाडी में ही रहे। उन्होंने कहा कि वह भी वहां के निवासी है लेकिन जो लोग वहां थे वह उस क्षेत्र के नहीं थे। वहां पर लोगों ने मौजूद अधिवक्ता शुभम राणा को जान से मारने की धमकी दी व पूछा कहां के हो तो कहा कि वह इसी क्षेत्र छसखेत के निवासी है व आधार दिखाया व उसे छीन लिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उन्हें लौटा दिया। इस बीच नगर पालिका अधिकारी अधिकारी व प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे उन्हें मैने ही फोन कर सूचना दी थी। शाम के समय पुलिस ने बताया कि बैरियर हटा दिया है आप अपनी संपत्ति पर जा सकते है। जैसे ही मौके पर अपनी जमीन पर पहुंचे तो एक गाडी ने पीछा किया व देखा तो उनकी जमीन की फेनसिंग तोड दी गयी थी व वहां पर लोगों का जमावाड़ा देख वापिस आने लगे तो जो गाड़ी पीछा कर रही थी वह आगे लगा दी गयी। गाडी नरेश चला रहा था जो आर्म एक्ट में फंसा है जिसकी बेल उन्होंने करवायी थी उसके बाद रामपाल आया व उन्होंने लोगों से कहा कि इन्हें मारो व मेरा फोन छीना व एक व्यक्ति ने मेरे उपर हमला किया, उसके बाद भूमि स्वामी सहित हमारे साथ मारपीट की। उन्होंने बताया कि मेरे उपर एससी एसटी एक्ट व महिलाओं से अभद्रता के तहत पुलिस में तहरीर दी। उन्होंने कहा कि वह तो अधिवक्ता के नाते भूमि स्वामी के साथ गये थे व उन्हें बंदी बना दिया गया। जिसका मेरे पेशे पर प्रभाव पड़ा है। उसके बाद भू स्वामी कोतवाली में द्वारा घटना की तहरीर दी है वहीं दूसरे पक्ष ने भी तहरीर दी है।

