मसूरी। मसूरी प्रेस क्लब के तत्वाधान में आयोजित संवाद कार्यक्रम में एमडीडीए के सहायक अभियंता अजय मलिक ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आवासीय भवनों में व्यावसायिक कार्य किए जाने के सम्बंध में जो आदेश आया है वह केवल मसूरी के लिए नहीं है बल्कि पूरे देश के लिए है। मसूरी में भी आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों का सर्वे किया जा रहा है ऐसे लोगों को नोटिस दिया जा रहा है।
सहायक अभियंता अजय मलिक ने कहा कि इसी कड़ी में जब सर्वे किया गया तो एक दिन में 71 निर्माण चिन्हित किए गये जिसमें 51 ऐसे निर्माण पाये गये जिनके खिलाफ पहले से कार्रवाई विचाराधीन है व 20 निर्माण के नक्शे मौके पर नहीं दिखा पाये उनको नोटिस दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवासीय निर्माण में अगर कहीं भी व्यावसायिक गतिविधियां पायी जाती है तो उसे करने नहीं दिया जायेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी और पहले भी की जाती रही है। सर्वोच्च न्यायालय ने एक याचिका पर यह निर्देश दिए जिसका कारण था कि कहीं भी देश भर में आवासीय कालोनी में अगर व्यावसायिक गतिविधि चल रही है तो उससे वहां रहने वालों को परेशानी होती है, जिस पर विराम लगाने के लिए यह निर्णय लिया गया। इस अभियान में जिसको नोटिस दिया जा रहा है उसको सुनवाई व दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जा रहा है जिससे कि वह अपना जबाव दे सके, किसी को परेशान करने की कोई मंशा नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सर्वे लबें समय तक चलेगा लेकिन अगर वन संरक्षण अधिनियम 1980 से पहले के प्लिंथ व्यावसायिक है तो वह नक्शा पास कर निर्माण कर सकता है। वहीं केवल उत्तराखंड के मूल निवासियों के लिए नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत 100 गज व पालिका सीमा से बाहर 120 से 150 गज में निर्माण करने की अनुमति 2016 में दी गयी है उससे पहले पूर्ण प्रतिबंध था। यह अनुमति परिवार बढने के लिए दी गयी है वह भी केवल आवासीय होगी, उसके लिए भी मानचित्र स्वीकृत कराना होगा। उन्होंने एमडीडीए को मसूरी के आउटर क्षेत्र में विकास कार्य व सौदर्यीकरण न करने की बात को गलत बताया व कहा कि एमडीडीए मसूरी के सभी क्षेत्रों में सौदर्यीकरण का कार्य कर रहा है, जबकि मसूरी से विभाग की उतनी आय नहीं है, लेकिन पर्यटन नगरी होने के कारण विभाग लगातार विकास कार्य कर रहा है। एक साल में ही 15 करोड़ से अधिक के कार्य विभिन्न क्षेत्रों में किए गये। विभाग जनता के पैसे से जनहित के कार्य कर रहा है। उन्होंने होम स्टे के बारे में कहा किहोम स्टे के लिए भी पॉलिसी बनी है अगर उसके मानक पूरे नहीं है तो उनके खिलाफ भी नोटिस की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने ईको पार्क योजना के बारे में कहा कि वन संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है, एमडीडीए एक पार्किग लोनिवि गेस्ट हाउस अकादमी रोड जीरो प्वाइंट पर बना रहा है उसको वन विभाग से स्वीकृति मिलने में तीन वर्ष लग गये लेकिन ईको पार्क का कार्य एक दो साल में पूरा कर लिया जायेगा। उसका टेंडर हो चुका है। वन टाइम सेटलमेंट पर उन्होंने कहा कि 2016 में स्थानीय नागरिकों के लिए आवासीय भवन बनाने की व्यवस्था की गयी थी, लेकिन अगर कोई नोटिफाइड क्षेत्र में बनाना चाहता है तो वह नहीं बन सकता, अगर डिनोटिफाइड क्षेत्र में है तो वह तत्काल विभाग से संपर्क करे उसका नक्शा पास करने की कार्रवाई की जायेगी, इसमें वन संरक्षण अधिनियम को ध्यान में रखा गया है, लेकिन उनके पास स्थानीय निवास प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। एनओसी लेने में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है, किन्तु नक्शा पास करने के लिए एनओसी जरूरी है। मसूरी में मल्टी स्टोरी भवन बनने व अवैध निर्माण पर कहा कि जो भवन 1980 से पहले के है वह निर्माण कर सकता है, लेकिन जो अवैध निर्माण की बात है उन पर लगातार कार्रवाई जारी है, लंढौर के लिए विशेष शासनादेश जारी किया गया है, लेकिन अगर कोई ऐसा अवैध निर्माण करता है तो विभाग कार्रवाई करता रहता है। कई सिलिंग के आदेश या चालान के बाद भी निर्माण हो रहा है उनके खिलाफ कार्रवाई समय समय पर की जाती है। अगर कहीं ऐसा हो रहा है तो संज्ञान में लायें। वन टाइमसेटलमेंट के लिए पालिसी सरकार बनाती है व विभाग उसे इंपलीमेंट करता है। पार्किग निर्माण पर एमडीडीए के सहायक अभियंता मलिक ने कहाकि एमडीडीए लगातार इस दिशा में कार्य कर रहा है व चार पार्किग बना चुका है व आगे भी इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। वहीं शहर के लोगों ने भी पार्किग के प्रस्ताव दिए है, जिस पर कार्रवाई गतिमान है, लेकिन जिस पार्किग को स्वीकृति दी जायेगी वह सार्वजनिक होनी चाहिए। आवास निर्माण पर उन्होंने कहा कि मसूरी में एमडीडीए के पास कोई लैंड बैंक न होने से समस्या आ रही है। अगर पालिका या अन्य स्रोतो से भूमि मिले तो आवासीय कालोनी बनायी जा सकती है। मसूरी पहाड़ी स्थान होने पर यहा 30 डिग्री पर ही स्वीकृति दी जाती है जिसके लिए खनन विभाग की एनओसी ली जाती है। इस मौके पर एमडीडीए के सहायक अभियंता अजय मलिक का मसूरी प्रेस क्लब की ओर से स्वागत किया गया व प्रेस क्लब अध्यक्ष सुनील सिलवाल ने उन्हें पहाड़ी टोपी व अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। संवाद कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष सुनील सिलवाल, महासचिव सूरत सिंह रावत, बिजेंद्र पुंडीर, हरीश कालरा, दीपक रावत, मोहसिन तन्हा, आशीष भटट, नरेश नौटियाल, सुमित कंसल, रजत एकांत, अमित गुप्ता, मोनिका मेहरा, मोहन कैंतुरा, शिव अरोड़ा डा. नीरज सिंघल, आदि मौजूद रहे।

