एमपीजी कालेज प्रांतीयकरण के विरोध में दायर याचिका उच्च न्यायालय ने खारिज की।
मसूरी। नगर पालिका परिषद ने एमपीजी कालेज के प्रांतीयकरण करने के प्रस्ताव के खिलाफ उच्च न्यायालय नैनीताल में दायर याचिका को न्यायालय ने खारिज कर दिया है व पालिका के प्रांतीयकरण के प्रस्ताव के पक्ष में निर्णय दिया है।
नैनीताल उच्च न्यायालय ने नगर पालिका परिषद के पक्ष में महत्वपूर्ण निर्णय आया है जिसमें मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने पूर्व पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता बनाम उत्तराखंड राज्य व अन्य में सुनवाई करते हुए याचिका को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है। उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता अनुज गुप्ता ने पालिका द्वारा एमपीजी कालेज के प्रांतीयकरण के लिए प्रस्ताव परित किया था जिसको उच्च न्यायालय में चुनौती दी गयी थी। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने स्वयं यह स्वीकार किया कि याचिकाकर्ता के पास पालिका के उक्त प्रस्ताव को चुनौती देने का कोई विधिक अधिकार नहीं बनता। इसके चलते याचिकाकर्ता की ओर से याचिका पर आगे बल न देने का निवेदन किया गया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता की स्वीकारोक्ति के उपरांत खंडपीठ ने पारित आदेश में रिट याचिका को निरस्त कर दिया साथ ही इससे संबंधित सभी लंबित प्रार्थना पत्रों को भी निस्तारित कर दिया। उच्च न्यायालय द्वारा याचिका खारिज किए जाने से नगर पालिका परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव पर विधिक मुहर लग गयी है और पालिका का पक्ष पूरी तरह सही साबित हुआ है। इस निर्णय से पालिका बोर्ड और प्रशासन के जनहितकारी निर्णयों को मजबूती मिली है।

