मसूरी। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की ओर से एमपीजी कालेज में छात्र छात्राओं को सहकारिता से जुड़ने व जागरूक करने के लिए सहकारी प्रबंध संस्थान की ओर से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें छात्रों को सहकारिता के क्षेत्र में भविष्य निर्माण करने के बारे में विस्तार से बताया गया।
कालेज के बुरांस सभागार में आयोजित कार्यशाला में एमपीजी कालेज व अटल उत्कृष्ट घनानंद राजकीय इंटर कालेज के छात्र छात्राओं को सहकारिता के प्रति जागरूक किया गया कि सहकारिता के क्षेत्र में आने से भविष्य निर्माण किया जा सकता है। इस मौके पर सहकारी प्रबंध संस्थान के प्रवक्ता डा. अतुल भारद्वाज ने बताया कि भारत सरकार सहकारिता मंत्रालय की ओर से पूरे देश में सहकारिता के प्रति जागरूक करने व जुडने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि युवाओं को सहकारिता के कान्सेप्ट को समझाना कि सहकारिता से समृद्धि किस प्रकार आ सकती है। उन्होंने बताया कि देश मंे अनेक ऐसे उदाहरण है जिसमें सहकारिता के माध्यम से बडे़ संस्थान खडे किए गये है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने सहकारिता मंत्रालय को अलग किया है, जिसका उददेश्य युवाओं में सहकारिता के प्रति जागरूता पैदा करना है ताकि समाज का अंतिम व्यक्ति भी सहकारिता के माध्यम से समृद्ध हो सके। उन्होंने कहा कि देश में जो पहले कोपरेटिव सोसाइटिंयां थी आज बडे उद्योग में बदल गयी है जिसमें अमूल, लिज्जत पापड़, इफको, क्रिफको आदि कई सहकारिता सोसाइटी थी जो आज एक ब्राड बन चुके है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से समाज से जुडकर, अपनी आवश्यकताओं को पूरा करें व अपनी जरूरतों को पूरा करने में ंसफल हुए है। सरकार का ध्येय है कि युवा नौकरी करने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बने। यह तभी संभव है जब वह छोटे छोटे सहकारिता समिति बनाकर किसी भी क्षेत्र मंे कार्य करे। उन्होंने बताया कि एमपीजी कालेज ने उन्हें बुलाया व कहीं भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते है तो वहां जाकर युवाओं को सहकारिता के प्रति प्रेरित करने का कार्य किया जाता है। इस मौके पर प्रधानाचार्या प्रोफेसर शालिनी गुप्ता ने कहा कि भारत सरकार सहकारिता मंत्रालय का कार्यक्रम है जिसके माध्यम से युवाओं में जॉब लेने वाला नहीं बल्कि देने वाला बनें इसके लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में अटल उत्कृष्ट घनानंद राजकीय इंटर कालेज व एमपीजी कालेज के छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया ताकि वे समाज में सहकारिता के क्षेत्र में व्यवसाय कर अपने भविष्य का निर्माण कर सके। यह शुरूआत की गयी है व इस तरह की पहली कार्यशाला है। इस मौके पर छात्र छात्राएं व शिक्षक शिक्षिकाएं भी मौजूद रहे।
कालेज के बुरांस सभागार में आयोजित कार्यशाला में एमपीजी कालेज व अटल उत्कृष्ट घनानंद राजकीय इंटर कालेज के छात्र छात्राओं को सहकारिता के प्रति जागरूक किया गया कि सहकारिता के क्षेत्र में आने से भविष्य निर्माण किया जा सकता है। इस मौके पर सहकारी प्रबंध संस्थान के प्रवक्ता डा. अतुल भारद्वाज ने बताया कि भारत सरकार सहकारिता मंत्रालय की ओर से पूरे देश में सहकारिता के प्रति जागरूक करने व जुडने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि युवाओं को सहकारिता के कान्सेप्ट को समझाना कि सहकारिता से समृद्धि किस प्रकार आ सकती है। उन्होंने बताया कि देश मंे अनेक ऐसे उदाहरण है जिसमें सहकारिता के माध्यम से बडे़ संस्थान खडे किए गये है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने सहकारिता मंत्रालय को अलग किया है, जिसका उददेश्य युवाओं में सहकारिता के प्रति जागरूता पैदा करना है ताकि समाज का अंतिम व्यक्ति भी सहकारिता के माध्यम से समृद्ध हो सके। उन्होंने कहा कि देश में जो पहले कोपरेटिव सोसाइटिंयां थी आज बडे उद्योग में बदल गयी है जिसमें अमूल, लिज्जत पापड़, इफको, क्रिफको आदि कई सहकारिता सोसाइटी थी जो आज एक ब्राड बन चुके है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से समाज से जुडकर, अपनी आवश्यकताओं को पूरा करें व अपनी जरूरतों को पूरा करने में ंसफल हुए है। सरकार का ध्येय है कि युवा नौकरी करने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बने। यह तभी संभव है जब वह छोटे छोटे सहकारिता समिति बनाकर किसी भी क्षेत्र मंे कार्य करे। उन्होंने बताया कि एमपीजी कालेज ने उन्हें बुलाया व कहीं भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते है तो वहां जाकर युवाओं को सहकारिता के प्रति प्रेरित करने का कार्य किया जाता है। इस मौके पर प्रधानाचार्या प्रोफेसर शालिनी गुप्ता ने कहा कि भारत सरकार सहकारिता मंत्रालय का कार्यक्रम है जिसके माध्यम से युवाओं में जॉब लेने वाला नहीं बल्कि देने वाला बनें इसके लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में अटल उत्कृष्ट घनानंद राजकीय इंटर कालेज व एमपीजी कालेज के छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया ताकि वे समाज में सहकारिता के क्षेत्र में व्यवसाय कर अपने भविष्य का निर्माण कर सके। यह शुरूआत की गयी है व इस तरह की पहली कार्यशाला है। इस मौके पर छात्र छात्राएं व शिक्षक शिक्षिकाएं भी मौजूद रहे।

