पुरूकुल से मसूरी तक बनायी जा रही रोपवे परियोजना पर उठे सवाल,  पिलरों को कमजोर बताया।

मसूरी। पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने  पुरूकुल रोपवे योजना पर सुरक्षा की दृष्टि से सवाल उठाए हैं उनका कहना है कि रोपवे का उददेश्य मसूरी के पर्यटन को बढावा देने के साथ ही यातायात के दबाव को कम करना है, यह परियोजना तभी फायदेमंद होगी जब वह पूरी तरह सुरक्षित बनेगी एवं स्थानीय नागरिकों व पर्यटकों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचायेगी। परियोजना में मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, पर्यटकों व स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। इस परियोजना की हर छोटी बड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए जिससे स्थानीय नागरिकों सहित पर्यटकों को पता रहे कि रोपवे की सवारी पूरी तरह सुरक्षित है। इस परियोजना के लिए दो हजार गाड़ियों की पार्किग भी बनायी जा रही है इसपर भी सवाल उठाये जा रहे है, उस परियोजना का पूरा परीक्षण सरकार को करानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई दुर्घटना न हो। हालांकि यह इंजीनियरिंग की उच्च तकनीक से बनायी जा रही है लेकिन जो सवाल खडे हो रहे है, उसकी डीपीआर की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए , यदि कोई कमि हैं तो समय रहते कमियों को दूर किया जाय। सरकार को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देहरादून मसूरी में पहाड़ की संरचना अति संवेदनशील है, जिस कारण जो संभावना जतायी जा रही है, उस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। इस योजना पर भारी भरकम राशि खर्च की जा रही है, ऐसे में इसके परीक्षण का होना आवश्यक है। वहीं रोपवे की पूरी परियोजना को सार्वजनिक करना चाहिए जिससे लोगों में जो भ्रम की स्थित बन रही है उसका पटाक्षेप हो सके। रोपवे  के लिए जो पिलर लगाये जा रहे है उस पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रवीद्र जुगराण ने भी सवाल खड़े किए हे व इसे यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं बताया है व कहा कि ये पिलर यात्रियों के भार उठाने में सक्षम होगें यह सवाल है, उन्होंने बताया कि जो पिलर लगाये गये है उनकी नींव के आस पास भूमि का कटाव हो रहा है, अभी भी समय है कि इनको ठीक किया जाय ताकि रोपवे सुरक्षित बनाया जा सके। पुरुकुल मसूरी प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 285 करोड़ है और प्रति घंटा 1000 लोग रोपवे से मसूरी आ सकेंगे इसकी दूरी लगभग 5. 58 किमी है ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से इस परियोजना के लिए सभी मानक पूरे किए जाने अनिवार्य हैं