मसूरी। श्री सनातन धर्म संस्कृत उत्तर माध्यमा विद्यालय ने संस्कृत सप्ताह के तहज संस्कृति के प्रति जागरूकता के लिए रैली निकाली, जिसका शुभारंभ झंडी दिखाकर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी व क्षेत्रीय सभासद बबीता मल्ल ने किया। रैली संस्कृत विद्यालय से शुरू होकर गुरूद्वारा चौक, घंटाघर, शहीद भगत सिंह चौक, इंदमणि बडोनी चौक, शहीद स्थल, मालरोड होते हुए गांधी चौक तक गयी।
संस्कृत सप्ताह के तहत निकाली गयी संस्कृत जन जागरूकता रैली में संस्कृत विद्यालय के साथ ही सनातन धर्म गर्ल्स इंटर कालेज, मसूरी गर्ल्स इंटर कालेज, आर एन भार्गव इंटर कालेज व महात्मा योगेश्वर सरस्वती शिशु विद्यांमंदिर इंटर कालेज के छात्र व छात्राएं भी रैली में संस्कृत के समर्थन में नारेबाजी कर चल रहे थे। शोभा यात्रा में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार और इसके महत्व को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि संस्कृत सप्ताह के तहत संस्कृत भाषा का प्रचार प्रसार करना है वहीं भारतीय संस्कृति, ज्ञान व उसके संवर्धन के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि संस्कृत भारत की प्राचीन भाषा है, लेकिन अब वह लुप्त होती जा रही है जिसे बचाने के लिए सभी को आगे आना होगा व उसके महत्व को समझना होगा कि हमारे पूरे जीवन के संस्कारों में संस्कृत का विशेष महत्व है। इस मौके पर संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय की प्राचार्या मीनाक्षी चौहान ने कहा कि संस्कृत सप्ताह के तहत पूरे सप्ताह कार्यक्रम आयोजित किए जायेगे। हर वर्ष रक्षा बंधन से तीन दिन पूर्व व तीन दिन बाद संस्कृत सपताह मनाया जाता है। उन्होंने कहाकि हमारी संस्कृति जिंदा रहे व समाज में संस्कृत का प्रचार प्रसार हो इसके लिए यह नगर शोभा यात्रा निकाली जा रही है, उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में संस्कृत का विशेष महत्व है हमारे संभी धार्मिक ग्रंथ, वेद पुराण, उपनिषद संस्कृत भाषा में है, जिनकी शिक्षा विद्यालय के छात्रों को दी जाती है ताकि संस्कृत में वार्तालाप कर सकें। संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं की आधारशिला है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से संस्कृत को आम लोगों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है साथ ही संस्कृत के ऐसे सरल शब्दों और वाक्यों का प्रचार किया जा रहा है, जिन्हें लोग अपने दैनिक जीवन में आसानी से प्रयोग कर सके। रैली में विद्यालय के शिक्षकों के साथ ही छात्र मौजूद रहे।

