मसूरी:-लंढौर बाजार के लगातार धंसने के बाद एनजीटी ने इसका संज्ञान लिया जिस पर संबंधित विभागों की टीम ने मसूरी में भू धसाव को लेकर 9 स्थान चिन्हित किए गये थे जिनका स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट बना कर शासन को भेजी जायेगी जिसके बाद उन स्थानों के उपचार की योजना बनायी जायेगी।
विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के मसूरी भू धसाव की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करने के बाद रेज अधिेकारी मसूरी रेंज एसपी गैरोला ने बताया कि गत वर्ष लंढौर बाजार के धसने के समाचार पर एनजीटी ने संज्ञान लिया कि मसूरी में कहीं जोशीमठ वाली स्थित तो पैदा नहीं हो रही। जिस पर जिलाधिकारी के निर्देश पर मसूरी वन प्रभाग के कार्यालय में एक बैठक ली गई जिसमें एडीएम, एसडीएम, डीएफओ मसूरी वन प्रभाग, लोक निर्माण विभाग, खनन विभाग, नगर पालिका मसूरी, भू वैज्ञानिक सहित संबंधित विभागों ने बैठक में प्रतिभाग किया व इस संबंध में गहन चिंतन मंथन किया गया ताकि भविष्य में जोशी मठ वाली स्थिति पैदा न हो। बैठक के बाद संयुक्त टीम बनाकर भू क्षरण व भूमि कटान की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया गया। बैठक में नौ स्थान चिन्हित किए गये थे जिसमें छह स्थानों का निरीक्षण किया गया। इसके बाद रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जायेगी जिसके बाद कार्य योजना व प्लान बनाकर कार्य किया जायेगा। जिसमे वन संबंधी कार्य वन विभाग करेगा, निर्माण संबधी कार्य लोक निर्माण विभाग व नगर पालिका करेगी इसी तरह सभी विभाग अपने स्तर के कार्य करेंगे।
विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के मसूरी भू धसाव की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करने के बाद रेज अधिेकारी मसूरी रेंज एसपी गैरोला ने बताया कि गत वर्ष लंढौर बाजार के धसने के समाचार पर एनजीटी ने संज्ञान लिया कि मसूरी में कहीं जोशीमठ वाली स्थित तो पैदा नहीं हो रही। जिस पर जिलाधिकारी के निर्देश पर मसूरी वन प्रभाग के कार्यालय में एक बैठक ली गई जिसमें एडीएम, एसडीएम, डीएफओ मसूरी वन प्रभाग, लोक निर्माण विभाग, खनन विभाग, नगर पालिका मसूरी, भू वैज्ञानिक सहित संबंधित विभागों ने बैठक में प्रतिभाग किया व इस संबंध में गहन चिंतन मंथन किया गया ताकि भविष्य में जोशी मठ वाली स्थिति पैदा न हो। बैठक के बाद संयुक्त टीम बनाकर भू क्षरण व भूमि कटान की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया गया। बैठक में नौ स्थान चिन्हित किए गये थे जिसमें छह स्थानों का निरीक्षण किया गया। इसके बाद रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जायेगी जिसके बाद कार्य योजना व प्लान बनाकर कार्य किया जायेगा। जिसमे वन संबंधी कार्य वन विभाग करेगा, निर्माण संबधी कार्य लोक निर्माण विभाग व नगर पालिका करेगी इसी तरह सभी विभाग अपने स्तर के कार्य करेंगे।

