मसूरी। देवभूमि जन कल्याण विकास एकता समिति ने एमडीडीए कार्यालय में बिना मास्टर प्लान व बिना टाउन प्लान के आम जनता के भवनों के चालान करने, सील करने व ध्वस्तीकरण करने के विरोध प्रदर्शन किया व धरना दिया साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि एमडीडीए लगातार मसूरी में सीलिंग, चालान व ध्वस्तीकरण की जनविरोधी कार्रवाई कर रहा है जिसके विरोध में समिति ने धरना दिया। ज्ञापन में कहा गया कि समिति चाहती है कि एमडीडीए मसूरी में बिना मास्टर प्लान व बिना टाउन प्लान के किसी भी दुकान, मकान, पर ध्वस्तीकरण, सीलिंग व चालान की कार्रवाई न करे, मसूरी में नोटीफाइड व डि नोटिफाइड का जो सर्वे किया गया था उसका गजट नोटिफिकेशन आम जनता के समक्ष रखा जाय, मसूरी व आस पास के क्षेत्रो में आजादी से पूर्व के भवनों को अवैधानिक घोषित न किया जाय जबकि नगर पालिका अधिनियिम के तहत उनको लाइसेंस प्रदान किए गये। एमडीडीए सौ गज में मकान बनाने के लिए स्थानीय लोगों को बिना नक्शा पास कराये अनुमति दे, जिनका चालान सीलिग के आदेश किए है उनका निपटान वन टाइम सेटलमेंट के तहत तत्काल किया जाय, एमडीडीए के अधिकारियों की संपत्ति की जांच की जाय, व आय से अधिक संपत्ति पाये जाने पर कार्रवाई करे, प्लिंथ के आधार पर मानचित्र स्वीकृत करना उचित नहीं है, मानचित्र स्वीकृति से पहले भूमि भवन के स्वामित्व की विधिवत जांच की जाय। नगर पालिका द्वारा जारी प्लिंथ प्रमाण पत्रों की जांच की जाय व गलत पाये जाने पर कठोर कार्रवाई की जाय। ज्ञापन में कहा गया िक 15 दिनों में अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जायेगा। धरना देने वालों में समिति के अध्यक्ष प्रकाश राणा, प्रशान्त रावत, विजय पाल सिंह, उपेंद्र राणा, मोहन सिंह, सलीम अहमद, पंकज भंडारी, हरीश जोशी, प्रताप सिंह, आदर्श राणा, किशन विजय जुगरान, रामकिशन राही, सहित लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि एमडीडीए लगातार मसूरी में सीलिंग, चालान व ध्वस्तीकरण की जनविरोधी कार्रवाई कर रहा है जिसके विरोध में समिति ने धरना दिया। ज्ञापन में कहा गया कि समिति चाहती है कि एमडीडीए मसूरी में बिना मास्टर प्लान व बिना टाउन प्लान के किसी भी दुकान, मकान, पर ध्वस्तीकरण, सीलिंग व चालान की कार्रवाई न करे, मसूरी में नोटीफाइड व डि नोटिफाइड का जो सर्वे किया गया था उसका गजट नोटिफिकेशन आम जनता के समक्ष रखा जाय, मसूरी व आस पास के क्षेत्रो में आजादी से पूर्व के भवनों को अवैधानिक घोषित न किया जाय जबकि नगर पालिका अधिनियिम के तहत उनको लाइसेंस प्रदान किए गये। एमडीडीए सौ गज में मकान बनाने के लिए स्थानीय लोगों को बिना नक्शा पास कराये अनुमति दे, जिनका चालान सीलिग के आदेश किए है उनका निपटान वन टाइम सेटलमेंट के तहत तत्काल किया जाय, एमडीडीए के अधिकारियों की संपत्ति की जांच की जाय, व आय से अधिक संपत्ति पाये जाने पर कार्रवाई करे, प्लिंथ के आधार पर मानचित्र स्वीकृत करना उचित नहीं है, मानचित्र स्वीकृति से पहले भूमि भवन के स्वामित्व की विधिवत जांच की जाय। नगर पालिका द्वारा जारी प्लिंथ प्रमाण पत्रों की जांच की जाय व गलत पाये जाने पर कठोर कार्रवाई की जाय। ज्ञापन में कहा गया िक 15 दिनों में अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जायेगा। धरना देने वालों में समिति के अध्यक्ष प्रकाश राणा, प्रशान्त रावत, विजय पाल सिंह, उपेंद्र राणा, मोहन सिंह, सलीम अहमद, पंकज भंडारी, हरीश जोशी, प्रताप सिंह, आदर्श राणा, किशन विजय जुगरान, रामकिशन राही, सहित लोग मौजूद रहे।

