वन्य जीव सप्ताह एवं गढ़ भोज के अवसर पर संयुक्त कार्यक्रम आयोजित l 

मसूरी। वन्य जीव सप्ताह एवं गढ़ भोज के अवसर पर आज अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज, छिदरवाला में बड़कोट रेंज, देहरादून वन प्रभाग एवं विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता एवं जनसहभागिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान छिदरवाला श्री गोकुल रमोला द्वारा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप प्रभागीय वनाधिकारी ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग डॉ. उदय गौड़ ने छात्र-छात्राओं को वन्य जीव संरक्षण, जैव विविधता, वन एवं पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वन एवं वन्य जीव हमारे पारिस्थितिक तंत्र के अभिन्न अंग हैं और इनके संरक्षण के बिना पर्यावरणीय संतुलन की कल्पना नहीं की जा सकती। वन्य जीव संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी एवं नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास पर विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवजनित दबाव बढ़ रहे हैं। ऐसे में मानव और वन्य जीवों के बीच संतुलित सह-अस्तित्व स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए वन्य जीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के साथ-साथ उनके प्राकृतिक आवासों, वन क्षेत्रों एवं जैव विविधता का संरक्षण भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे वन एवं वन्य जीव संरक्षण के संदेश को अपने परिवार, मित्रों तथा समाज तक पहुंचाएं और प्रकृति के प्रति जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।
डॉ. गौड़ ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि वन्य जीव केवल जंगलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे प्राकृतिक खाद्य श्रृंखला, परागण, बीज प्रसार, कीट नियंत्रण तथा पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को स्थानीय वन्य जीवों की पहचान, उनके आवास एवं मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के संबंध में भी जानकारी दी तथा वन्य जीवों के साथ किसी भी प्रकार की अनावश्यक छेड़छाड़ से बचने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय द्वारा वन्य जीव संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को वन विभाग की ओर से पुरस्कार एवं प्रशस्ति प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने वन एवं वन्य जीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम में गढ़ भोज के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि गढ़ भोज केवल पारंपरिक खान-पान की परंपरा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की स्थानीय जैव विविधता, पारंपरिक कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पोषण एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण पहलू है। उत्तराखंड में परंपरागत रूप से उत्पादित मंडुवा, झंगोरा, चौलाई, राजमा, गहत, भट्ट, जख्या सहित विभिन्न स्थानीय अनाज, दालें एवं खाद्य पदार्थ पोषण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
छात्र-छात्राओं को स्थानीय एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों को अपने दैनिक जीवन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। बताया गया कि स्थानीय उत्पादों के उपयोग से स्थानीय किसानों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन, पारंपरिक फसलों के संरक्षण तथा स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण में भी योगदान मिलता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों के महत्व को समझने का संदेश दिया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री भुवन कुनियाल ने भी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए वन्य जीव, पर्यावरण एवं प्रकृति संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में प्रारंभिक स्तर से ही प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने वन विभाग द्वारा विद्यालय में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वन्य जीव संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व तथा उत्तराखंड की पारंपरिक एवं पौष्टिक खान-पान संस्कृति के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा स्थानीय प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर रेंज अधिकारी बड़कोट श्री गणेश उनियाल, ग्राम प्रधान छिदरवाला श्री गोकुल रमोला, ग्राम प्रधान चक जोगीवाला श्री मोर सिंह असवाल, ग्राम प्रधान जोगीवाला माफी श्री शैलेन्द्र रांगड़, विद्यालय के शिक्षकगण, वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।