मसूरी। द चक्कर एवं मसूरी हेरिटेज सेंटर के तत्वाधान में दो दिवसीय लंढौर लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल छावनी क्षेत्र लंढौर के आईवी बैंक में आयोजित किया गया। जिसमें देश विदेश से आये अंग्रेजी के साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के बारे में बताया व उनके साहित्य पर चर्चा की गयी वहीं स्कूली बच्चों के बीच चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गयी।
लिटरेचर फेस्टिवल में वुड स्टाॅक स्कूल के छात्र छात्राओं के कविता पाठ से शुरू हुआ। वहीं राज बिजलवाण ने कविता पाठ किया व राज बिजलवाण, समिता अग्रवाल, एवं किरन भटट ने कविताओं पर चर्चा की। वहीं गढवाल इंग्लिश मीडियम स्कूल लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। द समर ऑफ देन की लेखिका रूपलीना बोस ने सौरभ शर्मा के साथ अपने नॉवेल के बारे में बात की और अपनी कहानी में जगह और किरदारों के बीच के मुश्किल रिश्तों पर चर्चा की। लंबे समय से मसूरी में रह रहे जेमी ऑल्टर ने एक एक्टर, यूट्यूबर, राइटर और क्रिकेट ब्रॉडकास्टर के तौर पर अपने करियर के बारे में बात की। मानसी थपलियाल, सुरभि अग्रवाल, इसाक गेरगन और संयुक्ता शर्मा जैसे आर्टिस्ट ने अपने काम दिखाए। करण मधोक ने आदित्य गौतम और सौरभ शर्मा के साथ अपना नया नॉवेल मॉमकी लॉन्च किया। दिन का समापन मार्तंड बडोनी की लाइव म्यूजिक परफॉर्मेंस और लोकेश घई की फिल्म द लास्ट शूमेकर्स ऑफ दून वैली की स्क्रीनिंग के साथ हुआ। वहीं जूनियर बच्चों के लिए आर्ट कॉम्पिटिशन, आयोजित किया गया जिसमें मसूरी के पांच विद्यालयों सेंट क्लेयर्स, सनातन धर्म गल्र्स इंटर कालेज, आरएन भार्गव इंटर कालेज, हेबरान स्कूल के 23 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिसमें सेंट क्लेयर्स के पार्थ ने पहला स्थान हासिल किया वहीं दूसरा स्थान दुनिया पर्यटक व तीसरा स्थान अनुष्का आर्य सेंट क्लेयर्स स्कूल ने हासिल किया। इस मौके पर पुस्तक लेखक जवाहर लाल ने कहा कि वह पहली बार मसूरी फेस्टिवल में आये है जिसमें मेरी पुस्तक पर चर्चा की गयी जिसमें फोलोस्पी है आडियंस विद द गाॅड ऑफ लिखी, जिसे पढने से पाठक इसके उत्तर ढूढता है जिसमें यमराज मुख्य पात्र है। इस मौके पर लेखक, पत्रकार व अभिनेता जिमी आल्टर ने कहा कि वह मसूरी से है व उन्होंने मसूरी के बारे में लिखा, अपने बारे में बताया व कहा कि यह मसूरी के प्यार का परिणाम है व दो किताब लिख चुके है व अपने पिता टाॅम आल्टर पर एक किताब लिख रहे है जिसको मसूरी में ही लाॅच किया जायेगा। वहीं युवा अंग्रेजी कवि राज बिजलवाण ने बताया कि लंढौर साहित्य का इतिहास रहा है जिससे प्रेरणा मिलती है कि साहित्य को अपने अंदर जगाये रखें। समाज में एक संदेश जाये कि मसूरी को बचाये रखना है। वहीं आयोजक सुरभि अग्रवाल व करन मधोक ने बताया कि फेस्टिवल में लेखकों के बीच चर्चा की गयी वहीं आर्ट प्रतियोगिता आयोजित की गयी वहीं तीन आर्टिस्टों ने भी अपनी कला के बारे में बताया वहीं लेखकों के बीच वार्ता व साहित्य के साथ एआई के प्रयोग पर भी विस्तार से चर्चा की गयी।

