एक नवंबर को दिल्ली में वोट बचाओ देश बचाओ मार्च में शामिल होने का आहवान किया।

मसूरी। देहरादून के कांग्रेस पर्यवेक्षक व पूर्व  प्रदेशाध्यक्ष कांग्रेस उत्तर प्रदेश अजय कुमार लल्लू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा लेना चाहिए, एसआईआर रदद हो, बैलेट पर मतदान की वापसी हो, नाम काटने का स्वतंत्र आडिट सर्वोच्च न्यायालय की देखरेख में हो, पूरा ब्योरा सार्वजनिक हो कि किसी को मताधिकार से वंचित कर रहे है तो किस कारण कर रहे है व मतदाता सूची मशीन रिटबेल और सर्वेचल रूप से मिले ताकि कोई भी व्यक्ति का नाम कटा है व पात्र मतदाता की सुरक्षा की गारंटी दी जाय जिसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्ल्किार्जुन खडगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के नेतृत्व में दिल्ली में दस लाख लोग एक नवंबर को राम लीला मैदान में वोट चोरी को रोकने के लिए मार्च करेंगे, उन्होंने उत्तराखंड के कांग्रेस सदस्यों का आहवान किया कि वोट बचाओ, देश बचाओ मार्च में बडी से बडी संख्या में दिल्ली पहुंचकर  शामिल हों।
कुलड़ी क्षेत्र में एक होटल के सभागार में पत्रकार वार्ता में देहरादून के पर्यवेक्षक व पूर्व अध्यक्ष उत्तर प्रदेश कांग्रेस अजय कुमार लल्लू ने कहा कि भाजपा की सरकार में मतदाताओं को मतदान से वंचित करने, वोट काटे गये व एसआईआर के नाम पर देश को लूटने का कार्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने किया। 2023 में सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि चुनाव की प्रक्रिया के लिए एलओपी व सीजीआई का शामिल होना जरूरी है लेकिन मोदी सरकार ने एक कानून लाकर चुनाव आयोग को ताम्र इम्युटि प्रदान कर देती है जो भी घपला घोटाला मतदान से वंचित करता है सरकार बदलने पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई न हो सके। चुनाव आयोग के आईटी अधिकारी ने इसेंट नामक एक साफ्टवेयर विकसित किया जिसका पूरा कंट्रोल मुख्य चुनाव आयुक्त के हाथ में होता है, जिसमें किसी की मृत्यु होने पर नाम हटाना या नया नाम जोडना उनके सारे अधिकार इस साफटवेयर के माध्यम से छीन लिए जाते है, जो भी बीएलओ सुधार कर वोटर लिस्ट भेजता है उसमें कोई कार्रवाई नहीं होती। महाराष्ट व गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बार बार मुख्य चुनाव आयुक्त को दस महीने में 14 बार चिटठी लिख चुके हैं  लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई व फार्म छह में बदलाव पर असहमति जताई, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने उसके बाद भी न चर्चा की व स्वयं बदलाव कर दिया, जिसमें किसी को विश्वास में नहीं लिया गया, जिस पर उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केबिनेट सचिव को पत्र लिखा। जिसके बाद सारे विषयों पर राहुल गांधी ने नौजवान, खेल खलियान के लोगों को सीजीआई में बुलाया व दस विपक्षी नेताओं के साथ रिट डाली जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि उन्होंने फार्म छह में बदलाव का कोई आदेश नहीं दिया था। उन्होने कहा कि उडीसा में भी दस लाख वोट काटे गये वहीं पूरे देश में करोड़ो लोगों के वोट काटे गये। इस मौके पर पछवादून के जिलाध्यक्ष संजय किशोर, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, आलेंद्र शर्मा, अमेंद्र बिष्ट, गोदावरी थापली, जसबीर कौर, उर्मिला थापा, उपेंद्र थापली, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, पूर्व पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता, नागेद्र उनियाल, मनीष गौनियाल, प्रशांत खंडूरी, सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। पत्रकार वार्ता के बाद शहर कांग्रेस कार्यालय में देहरादून प्रभारी अजय कुमार लल्लू ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर एक नवंबर को बड़ी संख्या में दिल्ली में होने वाले मार्च में शामिल होने का आहवान किया।