भारत माता के जयघोष के साथ स्वयंसेवकों का कड़ाके की सर्दी व बारिश के बीच भव्य संचलन।

मसूरी। मसूरी नगर में स्वयंसेवकों ने अनुशासन, एकता, संगठनात्मक भावना एवं राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हुए कड़ाकें की सर्दी व बारिश के बीच भव्य संचलन निकाला गया। इस से पूर्व स्वयंसेवकों द्वारा शस्त्र पूजन किया गया। पथ संचलन पहले टिहरी बस स्टैण्ड से शुरू होना था लेकिन भारी बारिश के बाद .सरस्वती विद्या मंदिर, कुलड़ी से प्रारम्भ होकर किताबघर तक पथ संचलन किया गया जिसमें सैकड़ों स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
सुव्यवस्थित पंक्तियों में कदमताल करते हुए स्वयंसेवकों का यह संचलन वाद्ययंत्रों के साथ नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। संचलन के दौरान अनुशासन और सामूहिकता का भाव विशेष रूप से देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारम्भ नगर बौद्धिक प्रमुख अनुज तायल जी के उद्बोधन से हुआ। उन्होंने अपने विचारों के माध्यम से स्वयंसेवकों को संगठन के उद्देश्यों, राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों, सामाजिक समरसता तथा समाज जीवन में सकारात्मक भूमिका निभाने के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने समाज में जागरूकता, सेवा, संस्कार और राष्ट्रहित की भावना को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। संचलन का नेतृत्व मसूरी नगर कार्यवाह सुमन नौटियाल, महानगर सह प्रचार प्रमुख मनोज रयाल तथा सह नगर कार्यवाह दिनेश बर्त्वाल ने किया। उनके नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ संचलन में भाग लिया। मार्ग में संचलन की सुव्यवस्थित व्यवस्था और स्वयंसेवकों की सामूहिक सहभागिता आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, सभासद रणवीर कंडारी, कुशाल राणा, विजय रमोला, विजय बिन्दवाल, सतीश ढौंडियाल, जगवीर भंडारी, गंभीर पंवार एवं रमेश डिमरी सहित अनेक स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवकों की सहभागिता ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया। संचलन के माध्यम से अनुशासन, संगठन, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों का संदेश दिया गया। ऐसे आयोजन स्वयंसेवकों में सामूहिक चेतना को मजबूत करने के साथ ही समाज के प्रति सेवा और कर्तव्यबोध की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। सरस्वती विद्या मंदिर कुलड़ी से किताबघर तक निकला यह भव्य संचलन अनुशासित सामूहिक सहभागिता और संगठनात्मक एकजुटता का प्रभावशाली उदाहरण रहा।