मसूरी। मसूरी इंटर नेशनल स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय सतत विकास एसडीजी पर दो दिवसीय सम्मेलन 2026 आयोजित किया गया। जिसका उददेश्य छात्र छात्राओं में वैश्विक जागरूकता, तार्किक चिंतन, नेतृत्व क्षमता तथा सामाजिक उत्तर दायित्व की भावना को विकसित करना है। सम्मेलन में देश के विभिन्न स्कूलों से आये छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया व अपनी प्रतिभा का परिचय देकर अपना दृष्टिकोण साझा किया।
कार्यक्रम का शुभारभ दीप प्रज्वलन व विद्यालय की प्रार्थना सहित मनमोहक कथक नृत्य की प्रस्तुति से किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या शालू बब्बर ने छात्राओं को वर्तमान परिस्थितियों में यथार्थपरक ज्ञान प्राप्त करने तथा विवेकपूर्ण निर्णण लेने की क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित करते हुए समितियों के संचालन को शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि भाजयुमों के प्रदेश मंत्री व उत्तराखंड तथा उच्च न्यायालय में भारत सरकार के स्थायी अधिवक्ता आर्यनदेव उनियाल मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य सलाहकार प्रियांशु ग्रोवर ने विभिन्न समितियों के नेतृत्वकर्ताओं का परिचय करवाया। सम्मेलन में इंटरनेशनल प्रेस कॉर्प्स, कैपिटल क्लैश, विश्व स्वास्थ्य संगठन, महिलाओं की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र आयोग, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, लोकसभा, वाद विवाद और मूट कोर्ट आदि में छात्र छात्राओं ने सहभागिता की। इस मौके पर सीया ने आईपीसी, धर्मी एवं स्तुति ने कैपिटल क्लैश, दीपाली कर्ण ने डब्ल्यूएचओ, प्रतिभा नंदी ने यूएनसीएसडब्ल्यू, मन्नत गर्ग ने लोक सभा, त्विशा जायसवाल एवं वेवरली ने वाद विवाद, दीपान्विता ने मूट कोर्ट तथा इशिता ने यूएनएससी में प्रतिभाग किया। आयोजन समिति में तोशिका, आहाना, संस्कृति, प्रभगुन, मान्या, प्रतिज्ञा, जैन्सी और ग्रेसी ने अपनी भूमिका निभाई। इस आयोजन में छात्रों में तार्किक चिंतन, शोध, प्रभावशाली अभिव्यक्ति, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित किया गया। सम्मेलन में यह संदेश दिया गया कि जागरूकता, विवेकपूर्ण निर्णय और सामूहिक प्रयास ही एक बेहतर एवं सतत भविष्य की नींव है। इस मौके पर मुख्य अतिथि अधिवक्ता आर्यनदेव उनियाल ने कहा कि मसूरी इंटर नेशनल स्कूल ने एसडीजी सम्मेलन आयोजित किया जिसमें देशभर के स्कूल प्रतिभाग कर रहे है। उन्होंने कहा कि यह मंच भारत की भावी पीढी के लिए जरूरी है जिसमें बच्चे अपनी स्किल दिखा सकते है, नेतृत्व क्षमता व वादविवाद सहित अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखायेंगे। उन्होंने कहा कि जब वह पढते थे तब भी कई मोटिवेट लेक्चर देने विशेषज्ञ आते थे। उन्होंने कहा कि भारत का युवा समझदार है उन्हें केवल तराशने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि युवा जल्दी भड़कने वाला नहीं है, लेकिन कभी कभी गलत सूचनाओं व सोशल मीडिया पर दिखाई दे रहे तर्कों को सत्य मान लेते है उनकी गहराई में नहीं जाते, यहां पर अच्छे शिक्षक है अच्छे अभिभावक है जो छात्रों को सही दिशा दे रहे है। जो जंतरमंतर पर हो रहा है वह युवाओं को भ्रम में रखकर किया जा रहा है। लेकिन झूठ का आधार अधिक दिनों तक नहीं चलता सच सच होता है, जो हो रहा है वह कुछ दिनों में समाप्त हो जायेगा। इस मौके पर प्रधानाचार्या शालू बब्बर ने कहा कि एमआईएस में एसडीजी सम्मेलन आयोजित किया है जिससे बच्चों को सही मार्ग दर्शन मिले, ऐसे विषयों पर बात करे जो उनसे जुडे है, विद्यालय की बडी जिम्मेदारी होती है कि उनको सही दिशा दी जाय। इस सम्मेलन में छात्रों को अलग अलग विषय दिए जा रहे है। जिनके उपर वे बात करेंगे, शोध करेंगे व अपना पक्ष रखना है, जिसमें छात्र कम्युनिकेशन, थिंकिंग स्किल सहित अन्य स्किल सीखेंगे,यहां देश के विभिन्न क्षेत्रों के छात्र छात्राएं आये है जो यहा से सीख कर जायेगे। जिनमें उर्जा व उत्साह है, बच्चों को सही सूचना दी जानी चाहिए ताकि वे सही दिशा में आगे बढे। यहां पर कंरट अफेयरर्स, इंपोटेंट टापिक शामिल है जिसमें वह अपना अनुभव व पक्ष सामने रखेंगे। इस मौके पर अधिवक्ता प्रियांशु ग्रोवर ने कहा कि वे यहां पर बच्चों को नेतृत्व क्षमता व अभिव्यक्ति के स्किल सिखायेंगे जिससे वे अपने स्तर पर कुछ बन सकें। युवा देश का भविष्य है, जिन्हें पब्लिक स्पीकिंग, नेगोशिएशन, डिवेडिंग, लीडरशिप के गुर सिखायेंगे ताकि वे सही से अपनी आवाज को सबके सामने रख सकें।

