मसूरी :- हाल ही में हुई उत्तराखंड परिवहन निगम की बस दुर्घटना के बाद क्षेत्रवासियों में उत्तराखंड परिवहन निगम को लेकर खासा आक्रोश व्याप्त है , इसी को लेकर आज विभिन्न संगठनों ने उत्तराखंड परिवहन निगम के मसूरी कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया और परिवहन मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन, शहर कांग्रेस और भवन मजदूर निर्माण संघ के साथ ही स्थानीय लोगों में भारी जन आक्रोश देखा गया और उन्होंने उत्तराखंड परिवहन निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मसूरी में नई बसों के संचालन की मांग की, साथ ही चालक और परिचालक की नियमित नशे से संबंधित जांच करने की भी मांग की गई।
इस अवसर पर मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि विगत दिनों उत्तराखंड परिवहन निगम की लापरवाही का खामियाजा मसूरी के साथ ही पर्यटकों को भी भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि मसूरी में पुरानी बसों का संचालन किया जा रहा है और हर समय जान माल का भय बना रहता है, ड्राइवरों का नशे का टेस्ट होना चाहिए, हर आधे घंटे में बसों का संचालन व नियमित रूप से बार्लोगंज जड़ी पानी मार्ग पर बसों का आवागमन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है जिसमें मसूरी से देहरादून और अन्य स्थानों के लिए नई बसों का संचालन की मांग की गई है ,साथ ही नियमित समय पर मसूरी से देहरादून बसों का संचालन किया जाए।
इस अवसर पर लक्ष्मी उनियाल ने कहा कि मसूरी से देहरादून की ओर सैकड़ों लोग प्रतिदिन यात्रा करते हैं और पुरानी बसों में बैठकर अपनी जान जोखिम में डालकर किसी तरह अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं, उन्होंने मांग की कि मसूरी से नियमित समय पर बसें चलाई जाए।
इस अवसर पर उत्तराखंड परिवहन निगम की कनिष्ठ लिपिक उर्मिला देवी ने कहा कि उन्होंने उच्च अधिकारियों से इस संबंध में बात की है और उसका निस्तारण कर दिया जाएगा। मसूरी शहरवासियों ने इस घटना के बाद जिस तरह की एकजुटता दिखाई है वह आने वाले समय में एक शुभ संकेत के रूप में देखा जा रहा है। जरूरत है भ्रष्टाचार, अनियमितताओं, अव्यवस्थाओं के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की। इस अवसर पर ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव जगजीत कुकरेजा, कोषाध्यक्ष नागेंद्र उनियाल, राज्य आंदोलनकारी प्रदीप भंडारी, पुराण जुयाल, मेघ सिंह कंडारी, राजीव अग्रवाल, सुधीर डोभाल, छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष महेश चंद्र, वसीम खान, बिल्लू बाल्मीकि, रमेश राव, महिमानंद, विजयलक्ष्मी काला, प्रमिला नेगी, नीलम चौहान, राजेश्वरी नेगी, गुड्डी देवी, कमलेश भंडारी, बबीता, सुनीता, शैलेंद्र बिष्ट सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

